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कानून को मिलेगा तकनीक का साथ, आईआईटी और एनएलयू जोधपुर बनाएंगे देश का पहला संयुक्त केंद्र

आईआईटी जोधपुर और एनएलयू जोधपुर ने भारत के कानून और प्रौद्योगिकी के लिए पहला संयुक्त केंद्र शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है.

MoU Between IIT  and NLU Jodhpur
एमओयू के मौके पर आईआईटी और एनएलयू के अधिकारी (ETV Bharat Jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : November 13, 2025 at 6:55 PM IST

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जोधपुर: बदलते दौर में हर जगह तकनीक का बोलबाला है. ऐसे में कानून के क्षेत्र में भी तकनीक का बेहतर उपयोग हो सके, इसके लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर और आईआईटी जोधपुर के बीच एक समझौता हुआ है. यह साझेदारी आईआईटी जोधपुर के तकनीकी नवाचार को एनएलयू जोधपुर की कानूनी विशेषज्ञता के साथ जोड़ते हुए एक परिवर्तनकारी कदम है. साथ में न्यायिक प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, फिनटेक और मेडटेक नियमों और उभरती प्रौद्योगिकियों के नैतिक शासन जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करेंगे.

आईआईटी-एनएलयू संयुक्त कानून और प्रौद्योगिकी केंद्र भारत का पहला स्थायी, सह-शासित शैक्षणिक केंद्र होगा, जिसका प्रबंधन संयुक्त रूप से विधि विश्वविद्यालय और आईआईटी द्वारा किया जाएगा. इस समझौता पत्र पर आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) अविनाश कुमार अग्रवाल और एनएलयू जोधपुर के कुलपति प्रो. (डॉ.) हरप्रीत कौर ने हस्ताक्षर किए. यह केंद्र संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, नीतिगत संवादों, शैक्षणिक आदान-प्रदानों और प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और डिजिटल उपकरणों तक साझा पहुंच की सुविधा प्रदान करेगा.

MoU Between IIT  and NLU Jodhpur
एमओयू साइन करते आईआईटी निदेशक अविनाश कुमार और एनएलयू कुलपति प्रो हरप्रीत (ETV Bharat Jodhpur)

पढ़ें: आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिकों ने सेंट्रोसोम के रहस्यों को सुलझाया, कैंसर और दुर्लभ रोगों के उपचार की नई राहें खुलेंगी.

क्या होगा इस केंद्र का काम:

  • प्रौद्योगिकी और कानून के बीच विकसित संबंधों पर अंतःविषय शिक्षा, अनुसंधान और नीतिगत संवाद के लिए एक अग्रणी मंच के रूप में काम करेगा.
  • व्यापक शैक्षणिक पोर्टफोलियो विकसित करेगा, जिसमें संयुक्त मास्टर, संयुक्त पीएचडी और कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम शामिल हैं, जो उच्च शिक्षा में बहु-विषयक सहयोग स्थापित करेगा.
  • संयुक्त केंद्र कानून, नीति और प्रौद्योगिकी के पेशेवरों की अगली पीढ़ी के लिए नवीन पाठ्यक्रमों और कार्यक्रमों को तैयार करेगा.
  • आपसी सहयोग से एकीकृत मास्टर और पीएचडी कार्यक्रम, एक संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम, एक संयुक्त मास्टर कार्यक्रम और कामकाजी पेशेवरों के लिए अल्पकालिक डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शूरू होंगे हैं.
  • एआई नैतिकता जैसे विषयों पर सहयोगात्मक अध्ययनों को बढ़ावा देगा.
  • भारतीय अदालतें, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा गोपनीयता और नवाचार के कानूनी प्रावधान पर काम.

प्रो अविनाश बोले - अलग अलग सोच वाले मिलकर करते हैं नवाचार: समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि नवाचार हमेशा तब नहीं होता जब समान विचारधारा वाले लोग मिलते हैं, लेकिन जब अलग तरह से सोचने वाले लोग एक साथ आते हैं. तब कुछ अलग ही किया जाता है.