एआई से ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का जल्दी चलेगा पता, आईआईटी इंदौर की बड़ी उपलब्धि
आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम किया विकसित, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का पता लगने में सक्षम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 23, 2026 at 9:52 PM IST
इंदौर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के शोधकर्ताओं ने स्वास्थ परीक्षण को लेकर एक नई उपलब्धि हासिल की है. यहां शोधकर्ताओं ने उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम विकसित किए हैं. जो मेडिकल इमेज में बहुत उच्च सटीकता के साथ ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का आसनी से पता लगाने में सक्षम है. इन एल्गोरिदम ने साइंटिफिक लिट्रेचर में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है.
आईआईटी इंदौर ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
आईआईटी इंदौर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में मैथ ऑफ डेटा साइंस एंड सिमुलेशन लैब में प्रोफेसर कपिल आहूजा और उनकी टीम ने इस शोध का नेतृत्व किया है. टीम में वर्तमान पीएचडी छात्र सौरभ सैनी, पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता डॉ. दीप्ति ताम्रकार और पूर्व पीएचडी छात्र डॉ. आदित्य ए. शास्त्री शामिल हैं.

सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने में सक्षम
ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए डॉक्टर मुख्य रूप से मैमोग्राम इमेज का उपयोग करते हैं. इन इमेज में कई फाइन टेक्सचर पैटर्न होते हैं. जब कैंसर विकसित होता है तो ये पैटर्न अनियमित हो जाते हैं. वहीं, सर्वाइकल कैंसर के मामले में डॉक्टर मुख्य रूप से कोल्पोस्कोपी इमेज का उपयोग करते हैं. यहां केवल टेक्सचर से कैंसर की पहचान नहीं की जा सकती है. डॉक्टरों को एक ही समय में कलर और ऐज जैसी विस्तृत विशेषताओं, शेप और ऑब्जेक्ट जैसी जांच करनी चाहिए.
थायरॉयड, लंग, ओरल, कोलोरेक्टल कैंसर तक विस्तारित करने की योजना
आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, "इस शोध में टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि ये एआई सिस्टम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि वे अपने निर्णयों पर कैसे पहुंचते हैं. इस पारदर्शिता ने डॉक्टरों को परिणामों को समझने और उन पर भरोसा करने में मदद की है." वहीं शोध टीम के प्रोफेसर कपिल आहूजा ने कहा, "हमारे एआई एल्गोरिदम को मुख्य रूप से यूरोपीय मूल के रोगियों के वैश्विक डेटासेट पर ट्रेन किया गया है. हम वर्तमान में एक ऐसा प्रोटोटाइप विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जिसे भारतीय रोगियों पर ट्रेन किया जाएगा. इसके लिए हमने एचसीजी कैंसर अस्पताल इंदौर की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेणु दुबे शर्मा के साथ टीम बनाई है."
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प्रोफेसर कपिल आहूजा ने आगे बताया, "आईआईटी में दृष्टि साइबर फिजिकल सिस्टम्स फाउंडेशन ने लैब-टू-मार्केट पहल के लिए फंड प्रदान किया है. हम इस दृष्टिकोण को कई अन्य प्रमुख कैंसर जिनमें थायरॉयड, लंग, ओरल, कोलोरेक्टल और इसोफेगल कैंसर तक विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं, जो भारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु के शीर्ष दस कारणों में से हैं."

