IGMC शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने वापस ली हड़ताल, ड्यूटी पर लौटे डॉक्टर
आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सीएम के आश्वासन के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 6:58 AM IST
|Updated : December 29, 2025 at 11:04 AM IST
शिमला: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने रविवार, 28 दिसंबर को अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल तत्काल प्रभाव से वापस ले ली है. ये फैसला रेजिडेंट डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लिया है. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने बताया कि सीएम सुक्खू ने मामले को लेकर विस्तृत जांच करवाने और डॉ. राघव नरूला की सेवा समाप्ति के आदेशों को वापस लेने का भरोसा दिया है.
3 जनवरी को होगी अगली बैठक
आरडीए ने बताया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है और सीएम ने ये स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी. इस आश्वासन को देखते हुए और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया. वहीं, जांच पूरी होने तक आरडीए आईजीएमसी शिमला को इस पूरे प्रकरण में अपनी भूमिका निभाने का अधिकार दिया गया है. आगे की रणनीति और कार्रवाई को लेकर 3 जनवरी 2026 को बैठक आयोजित की जाएगी.
RDA IGMC ने समर्थन के लिए जताया आभार
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन आईजीएमसी शिमला ने इस आंदोलन के दौरान समर्थन देने के लिए प्रदेश एवं देश भर की सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया है. इसके साथ ही हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन सैमडकोट (SAMDCOT), राज्य के मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और अन्य सहयोगी संगठनों का भी आरडीए का समर्थन करने पर धन्यवाद किया है. आरडीए ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार अपने आश्वासन पर खरा उतरेगी और जांच प्रक्रिया पारदर्शी व न्यायसंगत होगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो.
क्या है मामला?
गौरतलब है कि 22 दिसंबर को एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें आईजीएमसी शिमला का एक रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरूला और एक मरीज के बीच मारपीट होती है. वीडियो में मरीज भी डॉक्टर पर लातें बरसाता हुआ नजर आता है, तो वहीं डॉक्टर भी बेड पर ही मरीज के साथ मारपीट करते हैं. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और देशभर में ये वीडियो वायरल हो जाता है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा पहले डॉक्टर को सस्पेंड किया जाता है. उसके बाद सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए डॉक्टर की सेवा समाप्ति (Termination) के आदेश दिए जाते हैं. डॉ. राघव नरूला के टर्मिनेशन को रद्द करने की मांग को लेकर आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल शुरू कर देते हैं. आरडीए एम्स दिल्ली भी डॉ. राघव नरूला के समर्थन में उतरती है. रेजिडेंट डॉक्टर्स का आरोप था कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और डॉ. राघव नरूला की सेवाएं भी बहाल की जाए. जिसे लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात भी हुई. ऐसे में अब सीएम सुक्खू के आश्वासन के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है.

