IGMC विवाद: डॉक्टर राघव की सेवा समाप्ति पर बवाल, डॉक्टर्स एसोसिएशन ने दी हड़ताल की चेतावनी
हिमाचल डॉक्टर्स एसोसिएशन ने IGMC विवाद में डॉक्टर राघव की सेवा समाप्ति का विरोध किया है. एसोसिएशन ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 25, 2025 at 7:32 PM IST
|Updated : December 25, 2025 at 10:07 PM IST
शिमला: शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में डॉक्टर और मरीज विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरुला की सेवा समाप्ति के आदेश के खिलाफ डॉक्टर संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA), कंसल्टेंट्स और सीनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (CSA) तथा स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) के समर्थन में गुरुवार को IGMC परिसर में गेट मीटिंग आयोजित की गई. बैठक के बाद डॉक्टरों ने 26 दिसंबर को सामूहिक अवकाश और 27 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है.
IGMC शिमला के मुख्य द्वार पर आयोजित गेट मीटिंग में बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने भाग लिया. रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ-साथ कंसल्टेंट और सीनियर डॉक्टर भी प्रदर्शन में शामिल रहे. डॉक्टर संगठनों ने एक स्वर में कहा कि डॉ. राघव नरुला की सेवा समाप्ति का आदेश अन्यायपूर्ण है और इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए.
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
बैठक में सबसे प्रमुख मांग डॉ. राघव नरुला के खिलाफ जारी सेवा समाप्ति आदेश को रद्द करने की रही. डॉक्टर संगठनों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और एकतरफा कार्रवाई की गई. उनका आरोप है कि बिना सभी पक्षों को सुने सीधे बर्खास्तगी का फैसला लेना डॉक्टर समुदाय के मनोबल को तोड़ने वाला कदम है.
धमकियों का मुद्दा भी उठा, सुरक्षा चूक पर सवाल
डॉक्टर संगठनों ने बैठक में डॉ. राघव को कथित तौर पर जान से मारने और देश छोड़ने की धमकियों का मुद्दा उठाया. इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई. इसके साथ ही IGMC परिसर में भीड़ द्वारा डॉक्टरों को डराने-धमकाने की घटनाओं पर चिंता जताई गई. संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और अस्पताल की कार्यप्रणाली के लिए गंभीर खतरा हैं. बैठक में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में खामियों, अपर्याप्त सीसीटीवी कवरेज और पहले से चिन्हित कमजोरियों को दूर न करने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई गई.
26 दिसंबर को सामूहिक अवकाश का ऐलान
डॉक्टर संगठनों ने ऐलान किया कि 26 दिसंबर 2025 को IGMC के डॉक्टर एक दिवसीय सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहेंगे. यह निर्णय 27 दिसंबर को सुबह 9:45 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ प्रस्तावित बैठक को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकार को बातचीत का मौका देना चाहते हैं.
27 दिसंबर से हड़ताल की चेतावनी
संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 27 दिसंबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो उसी दिन सुबह 9:30 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी. हड़ताल के दौरान नियमित सेवाएं, ओपीडी और वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर सेवाएं बंद रहेंगी. केवल आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेंगी.
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहिल शर्मा ने कहा, "डॉक्टर राघव की बरखास्तगी का संगठन विरोध करता है और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करता है. सरकार ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है. डॉक्टर 26 दिसंबर को एक दिवसीय सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहेंगे और 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे. यदि हमारी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो डॉक्टर 27 दिसंबर से हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे."
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि IGMC में मरीज से मारपीट के मामले में पहले सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरुला को निलंबित किया गया था. जांच पूरी होने के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सख्त रुख के बाद की गई.
यह घटना 22 दिसंबर को सामने आई थी, जब चौपाल क्षेत्र के कुपवी निवासी अर्जुन एंडोस्कोपी के लिए IGMC पहुंचे थे. प्रक्रिया के बाद उन्हें दूसरे वार्ड में आराम करने को कहा गया, लेकिन वे चेस्ट ओपीडी में एक खाली बेड पर लेट गए. इसी बात को लेकर डॉक्टर और मरीज के बीच विवाद बढ़ा और हाथापाई में बदल गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था.
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