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पहले डॉक्टर ने मरीज पर मुक्का बरसाया, फिर गले मिलकर अपनी शादी में बुलाया, फिल्म से कम नहीं सुलह की ये कहानी

IGMC शिमला डॉक्टर और मरीज मारपीट मामले को लेकर चल रहा विवाद अब थम गया है. अब दोनों के बीच सुलह हो चुकी है.

आईजीएमसी शिमला डॉक्टर मरीज विवाद खत्म
आईजीएमसी शिमला डॉक्टर मरीज विवाद खत्म (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 12:09 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल IGMC शिमला पिछले दिनों से देशभर में सुर्खियों में छाया रहा. दरअसल, 22 दिसंबर को अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जो देखते ही देखते पूरे देश में आग की तरह फैल गयी. इस वायरल वीडियो में रेजिडेंट डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट देख लोग हैरान रह गए. देश-प्रदेश से लोगों की इस पर प्रतिक्रिया आने लगी और हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे.

IGMC के डॉक्टर ने मरीज पर बरसाएं मुक्के

बता दें कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला (IGMC) में 22 दिसंबर को इलाज कराने पहुंचे अर्जुन पंवार और डॉक्टर राघव नरूला के किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते-ही-देखते मारपीट में तब्दील हो गई. इस दौरान मरीज ने पैरों से डॉक्टर पर वार किया तो डॉक्टर ने भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर बेड पर लेटे मरीज पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाएं. वहीं, वार्ड में हुए मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिमाचल स्वास्थ्य विभाग और IGMC अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया.

क्या था आईजीएमसी शिमला डॉक्टर मरीज विवाद? (ETV Bharat)

आरोपी डॉक्टर को किया गया बर्खास्त

वहीं, मरीज से मारपीट के बाद परिजनों ने डॉक्टर को टर्मिनेट करने और गिरफ्तार करने की मांग की. मामला तुल पकड़ता देख आनन-फानन में आईजीएमसी शिमला प्रशासन ने चंद घंटे में ही आरोपी डॉक्टर राघव नरूला को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड होने पर आरोपी डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी. डॉक्टर ने मरीज पर बदतमीजी और मारपीट करने का आरोप लगाया. इस दौरान हिमाचल स्वास्थ्य व्यवस्था की किरकिरी होने और मामले को तूल पकड़ता देख सरकार के निर्देश पर 23 दिसंबर को आरोपी डॉक्टर को आईजीएमसी से बर्खास्त कर दिया गया.

IGMC SHIMLA CONTROVERSY
IGMC डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट (Viral)

टर्मिनेशन के खिलाफ डॉक्टरों ने खोला मोर्चा

25 दिसंबर को राघव नरूला की सेवा समाप्ति के आदेश के खिलाफ डॉक्टर संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA), कंसल्टेंट्स और सीनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (CSA) तथा स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) के समर्थन में गुरुवार को IGMC परिसर में गेट मीटिंग आयोजित की गई. बैठक के बाद डॉक्टरों ने 26 दिसंबर को सामूहिक अवकाश और 27 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी.

सामूहिक अवकाश पर चले गए रेजिडेंट डॉक्टर्स

26 दिसंबर को जब डॉ. राघव नरूला का टर्मिनेशन वापस नहीं लिया गया तो आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले गए. वहीं, आईजीएमसी से रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास ओक ओवर पहुंचा, जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग उठाई. साथ ही उन्होंने घटना के दिन अस्पताल के अंदर की गई तोड़फोड़ और डॉक्टर को डराने धमकाने वालों पर कार्रवाई करने और डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की.

IGMC SHIMLA CONTROVERSY
IGMC में डॉक्टरों की हड़ताल (ETV Bharat)

सीएम से मुलाकात के बाद रेजिडेंट डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा, 'मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद कहा कि सीएम ने मामले की दोबारा से जांच का आश्वासन दिया. आज सभी डॉक्टर एक दिन के अवकाश पर हैं और अब शाम को जनरल हाउस बुलाया जाएगा, जिसमें अगली रणनीति पर चर्चा की जाएगी.'

बर्खास्त डॉक्टर राघव की मां ने रोते हुए क्या कहा ?

वहीं, मामले में डॉक्टर राघव की मां का भी बयान सामने आया. डॉक्टर राघव की मां ने कहा कि, 'कोई भी व्यक्ति अपने मां बाप के बारे में नहीं सुन सकता. मरीज डॉक्टर को हाइपर करने की कोशिश करेंगे तो ऐसे कैसे इलाज होगा. मरीज के परिजनों को अपने बेटे को और डॉक्टर को भी समझाना चाहिए था, चाहे वो अपने बच्चे को भी और मेरे बेटे को भी थप्पड़ क्यों न मारते और बात खत्म हो जाती. स्वास्थ्य मंत्री ने मेरे बेटे को गुंडा कहते हुए सरकारी सेवाओं के काबिल नहीं बताया, लेकिन क्या अगर ये घटना नहीं होती तो क्या मेरा बेटा सरकारी सेवाओं के काबिल था. अगर ये लोग मेरे बेटे को नुकसान पहुंचा देते तो उसका जिम्मेदार कौन होता. मेरे बेटे को धमकियां मिल रही हैं'.

27 दिसंबर को हड़ताल पर चले गए डॉक्टर

वहीं, डॉ. नरूला का टर्मिनेशन वापस नहीं लिए जाने पर 27 दिसंबर को डॉक्टर हड़ताल पर चले गए. डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से आईजीएमसी में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई. ओपीडी मरीज अस्पताल के चक्कर लगाते रहे तो कई मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पाया. 28 दिसंबर को प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई देख सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने की अपील की. सीएम ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों को अपना अहंकार छोड़कर वापस ड्यूटी पर आना चाहिए. डॉक्टर्स सोमवार (29 दिसंबर) से अपनी ड्यूटी पर लौटें. वे सीनियर डॉक्टरों से को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर उनसे बातचीत करेंगे. रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए'.

सीएम की अपील पर डॉक्टरों ने की हड़ताल खत्म

सीएम सुखविंदर सिंह के अपील पर 28 दिसंबर की शाम डॉक्टरों ने मीटिंग की और हड़ताल खत्म करने की घोषणा की. जिसके बाद 29 दिसंबर से डॉक्टर काम पर लौट गए. वहीं, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले में सीनियर डॉक्टरों की एक कमेटी गठित कर मामले की जांच करने की बात कही और डॉक्टर की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है.

IGMC SHIMLA CONTROVERSY
डॉक्टर मरीज के बीच हुआ समझौता (ETV Bharat)

डॉ. राघव ने अपनी शादी में अर्जुन को किया इनवाइट

हालांकि, जिस विवाद को लेकर पूरे प्रदेश में हाय तौबा मच गया. वो मामला अब सुलझ गया है. दरअसल, 30 दिसंबर को मारपीट मामले में आरोपी डॉ. राघव नरूला और मरीज अर्जुन पंवार के बीच सुलह हो गई. आज मीडिया के सामने दोनों आये और एक-दूसरे से गले मिलते दिखे. इस दौरान डॉक्टर ने अपनी शादी में अर्जुन को आने का न्योता भी दिया. इस तरह इस विवाद का अंत हो गया.

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