IGMC में डॉक्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े, मरीज परेशान
आईजीएमसी शिमला में दूसरे दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है. जिस वजह से मरीजों को परेशानी झेलन पड़ रही है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 27, 2025 at 3:45 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए मारपीट मामले में सरकार की कार्रवाई का विरोध जारी है. आज दूसरे दिन भी डॉक्टर्स ड्यूटी छोड़ डॉ. राघव नरूला का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े रहे. इस दौरान उन्होंने आईजीएमसी में विरोध प्रदर्शन भी किया. वहीं, डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीज परेशान रहे और ओपीडी की चक्कर लगाते रहे.
वहीं, डॉक्टरों की हड़ताल पर हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल ने कहा, 'मुझे डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में पता चला. हमने सभी अस्पतालों में सभी मेडिकल सुविधाएं ठीक रखी हैं. मैं भरोसा दिला सकता हूं कि मेडिकल सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. हमें बातचीत से इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. डॉक्टर जो भी चाहते हैं, हम मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे".
#WATCH | Shimla: Himachal Pradesh Health Minister Dhani Ram Shandil says, " i learned about the doctors' strike, and we have kept all medical facilities in all hospitals intact... i can assure you that medical services should not be hampered... we should resolve this issue through… https://t.co/9s1i5f7Ioc pic.twitter.com/HIaCL0VHMl
— ANI (@ANI) December 27, 2025
आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए मारपीट के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए डॉ. राघव नरुला को बर्खास्त कर दिया. जिसका रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन विरोध कर रहा है. हालांकि, शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से डॉक्टरों की मुलाकात हुई थी, जिसमें सीएम ने मामले की दोबारा से जांच करने का आश्वासन दिया था, इसके बावजूद डॉ. राघव नरूला की टर्मिनेशन वापस लेने की मांग को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए. ऐसे में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. बीते दिन भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे. वहीं, आज दूसरे दिन भी डॉक्टर काम छोड़ हड़ताल पर चले गए हैं और किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे हैं.
रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल ने कहा, 'आज सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. वहीं, डेंटल डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं. डॉक्टर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा को भी ध्यान रखना चाहिए. डॉ. राघव को पहले सस्पेंड किया जाता है और उसके बाद एकदम से टर्निमेट कर दिया जाता है. जबकि मामले की जांच भी सही से नहीं की गई. जब तक डॉ. राघव का टर्निमेशन वापस नहीं होता है, तब तक डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी'.

वहीं, आईजीएमसी और डीडीयू अस्पताल में शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं. इसके अलावा कई बड़े ऑपरेशन नहीं हुए. डॉक्टरों की हड़ताल की के कारण दूरदराज से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आईजीएमसी में सीनियर डॉक्टरों ने हालांकि ओपीडी में सेवाएं दीं, लेकिन भारी भीड़ के चलते मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा. वहीं, डीडीयू अस्पताल में भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं. इसके अलावा जिले में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद रही.
VIDEO | Shimla, Himachal Pradesh: The Resident Doctors' Association of Indira Gandhi Medical College has gone on an indefinite strike from Saturday morning to press for their demand to revoke the termination orders of a medic, following a brawl with a patient.#Shimla… pic.twitter.com/XFWG5TqaYl
— Press Trust of India (@PTI_News) December 27, 2025
आईजीएमसी पहुंची मीरा देवी ने कहा, 'वह दो दिन पहले ही यहां पर पहुंची थी, उन्हें यहां डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण भारी परेशानी हो रही है. वह डॉक्टर से भी मिली, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अभी हड़ताल पर हैं. इसके कारण सभी लोगों को परेशानी बहुत झेलनी पड़ रही है. इस मामले को जल्द सुलझाया जाए'.

वहीं शिलाई से आई महिला ने कहा, 'वह दो दिन पहले इलाज करवाने के लिए शिमला आई थी. जब वह घर से चली थी, तब ऐसी स्थिति नहीं थी. यहां पहुंचकर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है, जिसके कारण उन्हें बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. कल भी वह अस्पताल आई थी, अब बिना इलाज के ही उन्हें घर लौटना पड़ा रहा है.

