IGKV पेपर लीक मामले में NSUI ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को घेरा, नोटों की माला और डायपर लेकर प्रदर्शन
NSUI कार्यकर्ताओं ने नोटों की माला और डायपर लेकर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 22, 2026 at 9:32 AM IST
रायपुर: 20 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में “Pest Management in Crop and Stored Grains-I” का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले WhatsApp के माध्यम से वायरल होने और परीक्षा में वही प्रश्नपत्र आने के मामले को लेकर विद्यार्थियों में भारी आक्रोश है. इस मामले को लेकर शुक्रवार को NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने नोटों की माला और डायपर लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया.
निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग
NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है. विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ NSUI बर्दाश्त नहीं करेगी.

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है. वर्ष 2022 और 2024 के बाद अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp पर वायरल होने और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आने की बात सामने आई है- नीरज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, NSUI
"छात्रों के साथ अन्याय"
NSUI के जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि विद्यार्थी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो जाए और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आ जाए तो यह मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ सीधा अन्याय है.

मामले की निष्पक्ष जांच हो. दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए-प्रशांत गोस्वामी, जिला अध्यक्ष, NSUI
72 घंटों में मामले की जांच की मांग
NSUI ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस माध्यम से वायरल हुआ. इसकी जांच की जाए. इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही विद्यार्थियों के हित में परीक्षा को लेकर उचित निर्णय लिया जाए. ताकि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो. NSUI ने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटों में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और विद्यार्थियों के हित में उचित निर्णय नहीं लिया गया तो NSUI विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज करेगा.

प्रदर्शन में NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला अध्यक्ष रायपुर प्रशांत गोस्वामी, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अध्यक्ष हरिओम तिवारी, प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा, महताब हुसैन, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, यूटीडी अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे, आशीष तिवारी, अनुज सिंह, दिव्यांश श्रीवास्तव,आलोक सिंह, प्रतीक ध्रुव,सौरभ नाग , कृष सहारे, सुमित शुक्ला, प्रियांशु सिंह,लोमेश साहू ,उत्कर्ष खिलारी और NSUI कार्यकर्ता प्रदर्शन में मौजूद थे.

