उगाही करने वाले दारोगा सस्पेंड, BPSC छात्रा की शिकायत पर IG विकास वैभव का एक्शन
गया में आईजी विकास वैभव ने दारोगा को सस्पेंड किया. दारोगा पर लगा बीपीएससी पास छात्रा से उगाही का आरोप. जानें पूरा मामला-

Published : May 24, 2026 at 1:29 PM IST
गया: बिहार के गया जिले में बीपीएससी परीक्षा पास करने वाली एक छात्रा से प्रोत्साहन राशि में से 20 हजार रुपये जबरन उगाहने का मामला सामने आया है. कोच थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार पर यह गंभीर आरोप लगा है. छात्रा ने आईजी मगध को शिकायत की, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई हुई.
जब्त सामान नहीं किया वापस: कोच थाना में शराब से संबंधित कांड की जांच के दौरान दारोगा मनोज कुमार ने छात्रा शानू कुमारी के पिता की दुकान की चाबी और मोबाइल फोन जब्त कर लिया. इन दोनों वस्तुओं को जब्ती सूची में शामिल नहीं किया गया, फिर भी उन्हें वापस करने से इनकार कर दिया गया.
परिवार से लगातार पैसे की मांग: दारोगा द्वारा बार-बार पैसे मांगे जाने के कारण शानू कुमारी ने अपनी बीपीएससी प्रोत्साहन राशि 50 हजार रुपये में से 20 हजार रुपये उसे देने पड़े. इसके बावजूद दारोगा पैसे और सामान वापस करने को तैयार नहीं था. दूसरी ओर छात्रा के पिता के जेल में बंद होने से पूरा परिवार आर्थिक तंगी में था.
छात्रा ने की आईजी से शिकायत: परेशान छात्रा शानू कुमारी ने मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में दुकान की चाबी, मोबाइल और रिश्वतखोरी का पूरा विवरण दिया गया.
एसडीपीओ जांच में मामले की पुष्टि: आईजी विकास वैभव ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया और मामले की जांच एसडीपीओ टिकारी को सौंपी. जांच में सभी आरोप सही पाए गए. इसके बाद आईजी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दारोगा मनोज कुमार को सस्पेंड कर दिया.
निलंबन के साथ नया अनुसंधान अधिकारी नियुक्त: मगध आईजी विकास वैभव ने कहा कि निलंबन के आदेश के साथ ही मूल कांड संख्या 67/26 का अनुसंधान दूसरे अधिकारी को सौंप दिया गया है. दारोगा मनोज कुमार को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर रखा गया है और उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र गया निर्धारित किया गया है.
"आम नागरिकों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसी शिकायतों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी."-विकास वैभव, आईजी, मगध
बिहार पुलिस में सुशासन की मिसाल: यह घटना बीपीएससी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा पास करने वाली छात्रा के साथ पुलिसकर्मी द्वारा किए गए शोषण को उजागर करती है. आईजी की त्वरित कार्रवाई ने न्याय की उम्मीद जगाई है और पुलिस महकमे में पारदर्शिता व जवाबदेही की मजबूती का संदेश दिया है.
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