बिहार को मिले 162 पुलिस जवान, दीक्षांत परेड समारोह में IG ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ
नालंदा में 162 प्रशिक्षु पुलिस जवानों के दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया, आईजी जितेंद्र राणा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

Published : July 7, 2026 at 2:46 PM IST
नालंदा: बिहार के नालंदा में स्थित पुलिस लाइन बिहार शरीफ के दीपनगर में सोमवार को 162 प्रशिक्षु पुलिस जवानों के दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में हुआ. इस अवसर पर मगध प्रक्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा ने जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि उसकी पहचान जिम्मेदारी और जनता के विश्वास का प्रतीक है. इसे हमेशा सम्मान, अनुशासन और स्वच्छता के साथ धारण करना चाहिए.
162 प्रशिक्षु जवानों ने पूरी की ट्रेनिंग: समारोह में जहानाबाद और अरवल जिले के 162 प्रशिक्षु जवानों ने सफलतापूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जवानों के परिजन, पुलिस पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. इस दौरान नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि सभी प्रशिक्षु 162 जवानों ने मलमास मेले में सुरक्षा के तहत अहम योगदान दिया. यहां बिहार के अलग अलग जिलों के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड राज्य के जवान भी शामिल हैं.

आईजी जितेंद्र राणा का संबोधन: मुख्य अतिथि आईजी जितेंद्र राणा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में पुलिस के सामने केवल वास्तविक दुनिया के अपराधियों से ही नहीं, बल्कि साइबर अपराध और वर्चुअल दुनिया में लगातार बदल रहे अपराधों से भी प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की चुनौती है. इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को नई तकनीकों और अपराध के बदलते स्वरूप के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखना होगा.
बेहतर पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रयास: उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कानून, अनुसंधान, साइबर अपराध, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई है. लेकिन सीखने की प्रक्रिया सेवा में आने के बाद भी कभी नहीं रुकनी चाहिए. जहां भी पदस्थापना हो, वहां की परिस्थितियों को समझकर बेहतर पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रयास करना हर पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है.
ईमानदारी और सेवा भावना पहचान: आईजी ने कहा कि पुलिस बल को आवश्यकता पड़ने पर अपराधियों के विरुद्ध बल प्रयोग भी करना पड़ता है, लेकिन उससे पहले पुलिस की सबसे बड़ी पहचान उसकी निष्पक्षता, ईमानदारी और सेवा भावना होती है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी के हर कार्य में शुचिता झलकनी चाहिए. सबसे पहले शुचिता उसके पहनावे में दिखनी चाहिए. वर्दी पहनते समय गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसकी स्वच्छता व गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए.
ड्रिल की सराहना: आईजी जितेंद्र राणा ने दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और जवानों की शानदार ड्रिल (परेड) की सराहना की. जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज से आप देश और बिहार पुलिस की सेवा में प्रथम कदम रख रहे हैं. पुलिस का काम सिर्फ बल प्रयोग करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना भी है. उन्होंने साइबर अपराध और वर्चुअल दुनिया की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज अपराधियों से सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि इंटरनेट और मोबाइल की दुनिया में भी लड़ना है.
"पुलिस बल का आधार अनुशासन है. आपकी वर्दी, चाल-ढाल, कार्यशैली और व्यवहार में पूरी शुचिता व निष्पक्षता नजर आनी चाहिए. आज अपराधियों से सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि इंटरनेट और मोबाइल की दुनिया में भी लड़ना है. इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को खुद को लगातार अपडेट रखना होगा."- जितेंद्र राणा, आईजी, पटना प्रक्षेत्र
वर्दी ही आपकी पहचान: आईजी ने विशेष रूप से कहा कि वर्दी ही आपकी पहचान है. प्रशिक्षण केंद्र से निकलने के बाद भी वर्दी, टर्नआउट और अनुशासन के प्रति कभी उदासीन नहीं होना चाहिए. एक सुसज्जित और अनुशासित पुलिसकर्मी जनता में विश्वास पैदा करता है. उन्होंने जवानों से शारीरिक फिटनेस बनाए रखने, ड्रिल में सीखे गए अनुशासन को जीवनभर अपनाने तथा अपने व्यवहार में विनम्रता, सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की.

"फरियाद लेकर आने वाले लोगों, वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ ऐसा व्यवहार करें कि पुलिस की छवि और अधिक मजबूत हो. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी जवान अपने परिवार, समाज और देश की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे."- जितेंद्र राणा, आईजी, पटना प्रक्षेत्र
आदर्श पुलिसकर्मी की पहचान: इस अवसर पर नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध अनुसंधान, साइबर अपराध की रोकथाम, हथियार संचालन, फायरिंग, ड्रिल, शारीरिक दक्षता, मानवाधिकार, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग तथा व्यवहारिक पुलिसिंग सहित विभिन्न विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान, अनुशासन और सेवा भावना को ड्यूटी के दौरान पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ लागू करना ही एक आदर्श पुलिसकर्मी की पहचान है.
प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान: इस समारोह के दौरान बेहतर परेड का प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु जवानों, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों तथा प्रशिक्षण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने पर पुलिस लाइन के डीएसपी सुमित सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मियों को आईजी जितेंद्र राणा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम के अंत में परेड की सलामी के साथ दीक्षांत समारोह का समापन हुआ.

जारी रहेगी मेहनत: इस अवसर पर बिहार के कैमूर जिले के प्रशिक्षु पुलिस जवान आबिद खान ने कहा कि उन्हें जहानाबाद ज़िला मिला है. प्रशिक्षण में बहुत कुछ सिखाया गया जिसे सीख कर अच्छा लगा. आज बहुत ख़ुश हैं. बचपन से ही पुलिस में जाने की इच्छा थी. पिता निजी कंपनी में अकाउंटेंट का कार्य करते थे. वहीं, भोजपुर के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हवलदार पासवान के बेटे नीतीश कुमार पासवान ने कहा कि आज मुझे बहुत खुशी हूै. मेरे घर में परिचित बीमार रहने की वजह से परिवार के कोई सदस्य इस दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं हो पाए हैं. मैं 2015 में दारोगा के मेंस परीक्षा में छट गया था, फिर भी मेहनत जारी रहेगी.
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