'मांग नहीं मानते तो गोली मार दो', भिवानी में पूरे हरियाणा से आई मिड डे मील वर्कर्स की हुंकार
भिवानी में जुटी हरियाणा भर से मिड डे मील वर्कर्स ने हरियाणा सरकार को खुली चेतावनी दी है.

Published : June 24, 2026 at 8:26 PM IST
भिवानी: हरियाणा भर से अपनी मांगों को लेकर भिवानी में जुटी मिड डे मील वर्कर्स ने प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया. इन्होंने सरकार को चेतावनी दी की हमारी मांग मानो या फिर तड़पा-तड़पा कर मारने की बजाय गोली चलवाकर मार दो.
'6-7 हजार रुपये में नहीं चलता है घर': हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील वर्कर दोपहर को खाना बनाकर बच्चों को खिलाती हैं. पर बीते कई सालों से इनको साल में मात्र 10 महीने वेतन मिलता है. वो भी हर माह 6-7 हजार रुपये. मिड डे मील वर्कर में अनेक महिलाएं विधवा हैं. ये अपना घर चलाने से परेशान होकर अपना वेतन बढ़ोतरी करवाने को लेकर भिवानी में जुटी. सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.
वेतन 28 हजार रुपये मासिक करने की मांगः प्रदर्शन के दौरान मिड डे मील वर्कर्स ने कहा कि "हमारी मांग हर महिने वेतन देने और वेतन 7 हजार रुपये से बढ़ा कर 28 हजार रुपये करना. वर्दी भत्ता 300 से तीन हजार रुपये करना है. वर्कर्स ने कहा कि 7 हजार रुपये में परिवार का पालन नहीं होता. इन्होंने कहा कि हमारे बच्चे घर रोते हैं और हम सड़कों पर हैं. इन्होंने खुली चेतावनी दी कि सरकार हमारी मांग मानें, वरना तड़पा-तड़पा कर मारने की बजाय गोली से मरवा दे.
बच्चों का खाना बनाना बंद करने की चेतावनीः मिड डे मील वर्कर्स ने कहा कि "हमारी मांग नहीं मानी तो हम बच्चों का खाना बनाना बंद कर स्कूलों के बाहर सड़कों पर बैठ जायेंगे." इन्होंने साफ चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

