ETV Bharat / state

IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: HLWB के अकाउंट ऑफिसर और क्लर्क गिरफ्तार, शेल कंपनियों तक पैसे पहुंचाने का आरोप

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में सीबीआई ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के अकाउंट ऑफिसर जुगल किशोर और कॉन्ट्रैक्ट अकाउंट क्लर्क अमित कुमार को गिरफ्तार किया.

IDFC FIRST BANK SCAM UPDATES
IDFC FIRST BANK SCAM UPDATES (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 9, 2026 at 11:15 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

पंचकूला: हरियाणा के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में सीबीआई लगातार तेजी से कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में सीबीआई टीम ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (एचएलडब्ल्यूबी) के अकाउंट ऑफिसर जुगल किशोर और कॉन्ट्रैक्ट अकाउंट क्लर्क अमित कुमार को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ में सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाकर गिरफ्तार किया गया.

दो दिन का रिमांड मिला: जांच टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर मामले की तह तक पड़ताल संबंधी पूछताछ के लिए कोर्ट से उनका दो दिन का रिमांड हासिल किया है. वहीं, वही कोर्ट में आरोपी अमित कुमार के वकील यवनीत ढाकला ने रिमांड का विरोध करते हुए दलील दी कि अमित पहले से सीबीआई जांच में सहयोग कर रहे हैं. नतीजतन रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं है.

सुनियोजित तरीके से शेल कंपनियों तक पहुंचाया पैसा: जांच एजेंसी के अनुसार मामला श्रम विभाग बोर्ड के पचास करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि के गबन से जुड़ा है. फर्जी बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से पैसा शेल कंपनियों तक पहुंचाया गया, जिसे सुनियोजित अपराधिक साजिश बताया गया है. इसमें निजी व्यक्तियों और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से निवेश नियमों का उल्लंघन किया गया.

ट्रांसफर पत्रों पर जुगल किशोर के हस्ताक्षर: सीबीआई के अनुसार जुगल किशोर 21 अगस्त 2024 से हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में अकाउंट ऑफिसर के रूप में कार्यरत था. साथ ही वित्तीय मामलों का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था. आरोप है कि एफडी की स्वीकृत होने के बावजूद उसने सेविंग अकाउंट खुलवाने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इसी खाते में 50 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने वाले पत्रों पर भी उसके हस्ताक्षर थे.

विभागीय रिकॉर्ड में जिक्र ना कर फर्जी सत्यापन: सीबीआई जांच में पता लगा है कि विभागीय रिकॉर्ड में सेविंग अकाउंट खोलने का कोई जिक्र नहीं किया गया. वहीं, बैंक अधिकारियों से जानकारी मिलने के बावजूद गड़बड़ी की जांच नहीं कराई गई. जबकि सह आरोपी अभय कुमार के जरिए ही पत्राचार जारी रखा गया. वहीं, अभय कुमार को भी सीबीआई पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है. जांच के अनुसार अकाउंट्स क्लर्क अमित कुमार ने निवेश से जुड़ी नोटशीट तैयार की लेकिन उसमें सेविंग अकाउंट खोलने का जिक्र नहीं किया.

बैक डेट में कथित एंट्री कर सेविंग अकाउंट की जानकारी दर्ज की. सह आरोपी से प्राप्त फर्जी एफडी रसीद विभागीय फाइल में लगाकर उसे आधिकारिक सत्यापित किया गया. बैंक से सीधे पुष्टि करने के बजाय बर्खास्त बैंक अधिकारी अभय कुमार के जरिए ही पत्राचार जारी रखा गया. बैंक से एफडी डिपॉजिट मौजूद नहीं होने की जानकारी मिलने के बावजूद कोई स्वतंत्र जांच नहीं की गई.

तीन आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी गिरफ्तार: गौरतलब है कि सीबीआई जांच टीम मामले में हरियाणा के तीन आईएएस अफसरों पंकज अग्रवाल, आरके सिंह और प्रदीप डागर को भी गिरफ्तार कर चुकी है. इनके अलावा आईएफएस अधिकारी, विनीत श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

ये भी पढ़ें- करनाल में करोड़ों के गेहूं घोटाले ने खोली विभागीय लापरवाही की परतें, 15 हजार कट्टे गायब

ये भी पढ़ें- 'हाई कोर्ट के जज की देखरेख में हो बैंक घोटाले की जांच', चढ़ावा चोरी केस में भूपेंद्र हुड्डा बोले- 'ये सबसे बड़ा पाप'