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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के चारों आरोपी रिमांड पर, एक कंपनी के खाते में भेजे थे 300 करोड़ रुपए

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के चारों आरोपी रिमांड पर हैं.

IDFC First Bank 590 Crore Rupees scam All four accused in remand
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के चारों आरोपी रिमांड पर (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 25, 2026 at 8:54 PM IST

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Updated : February 25, 2026 at 9:07 PM IST

5 Min Read
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पंचकूला: IDFC First Bank से जुड़े 590 करोड़ रुपये के घोटाले में एक महिला समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) प्रमुख, एएस चावला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि विजिलेंस कार्यालय से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें पंचायत विभाग की जांच, जिसमें करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का गबन दिखाई दे रहा था, हरियाणा सरकार से इस मामले में निर्देश मिलने पर एसीबी द्वारा मुकदमा नंबर-4 दर्ज किया गया. साथ ही एसपी पंचकूला का चार्ज संभाल रहे आईपीएस, गंगाराम पूनिया के सुपरविजन में एसआईटी का गठन किया गया. इस एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर पहले करोड़ों रुपये का घोटाला करने वाले मास्टरमाइंड, मुख्य दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. इन आरोपियों में रिभव ऋषि और अभय शामिल हैं.

बैंक ने दी आरोपियों की जानकारी: एसीबी चीफ, एएस चावला ने बताया कि उक्त बैंक प्रबंधन से पता लगा कि आरोपी रिभव ऋृषि पंचकूला का रहने वाला है, जिसने सेक्टर-32 ब्रांच से करीब छह महीने पूर्व नौकरी छोड़ी थी. बताया कि उस दौरान वो उक्त ब्रांच का प्रमुख था. जबकि दूसरा आरोपी ब्रांच में रिलेशनशिप मैनेजर था लेकिन उसने भी अगस्त-सितंबर में नौकरी छोड़ दी थी. एएस चावला ने बताया कि बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस जांच के दौरान सरकारी फंड तुरंत सरकार को लौटा दिया है. उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों की मेहनत से कमाई पूंजी, जो सरकारी विभागों में जमा थी, वो सुरक्षित है.

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के चारों आरोपी रिमांड पर (Etv Bharat)

दोनों आरोपियों ने बनाई योजना: एसीबी चीफ ने बताया कि करोड़ों रुपये के इस घोटाले की पूरी मास्टर योजना दोनों प्रमुख आरोपियों ने बनाई थी. लेकिन एसपी पंचकूला की सुपरविजन में जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और भरसक प्रयासों के आधार पर गत शाम सभी आरोपियों को राउंडअप कर लिया. उन्होंने विभागों की भूमिका के सवाल पर कहा कि जांच टीम के लिए सबसे पहले आरोपियों को काबू करना जरूरी था, जिन्हें पकड़ लिया गया है. हालांकि मामला पेचीदा है, जिसके चलते विस्तृत जांच की जानी है. उन्होंने घोटाले के कारणों के सामने आने की बात भी कही, लेकिन जांच जारी होने के चलते उसे सार्वजनिक नहीं करना उचित बताया.

एक कंपनी में गए तीन सौ करोड़: एएस चावला ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार जांच टीम को पता लगा कि एक निजी कंपनी स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट में सबसे अधिक फंड, करीब तीन सौ करोड़ जमा कराए गए थे. चावला ने बताया कि मामले में सबसे अधिक चौंकाने वाली बात ये है कि आईडीएफसी बैंक की ब्रांच चंडीगढ़ में है और अधिकांश विभाग हरियाणा में, जबकि जिसमें रकम गई, उस बैंक की ब्रांच मोहाली में है. उन्होंने कहा कि मामले में फिलहाल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

कौन कितना शेयर होल्डर और क्या रिश्ता: एसीबी चीफ, एएस चावला ने बताया कि मामले में निजी कंपनी की मुख्य मालकिन एवं आरोपी स्वाति सिंगला 75 प्रतिशत शेयर धारक है. जबकि उसका आरोपी भाई अभिषेक सिंगला 25 प्रतिशत का शेयर होल्डर है. उन्होंने बताया कि आरोपी स्वाति सिंगला आरोपी अभय की पत्नी हैं. मामले में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले में जिस किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. भले ही व्यक्ति सरकारी कर्मचारी हो या गैर सरकारी, सरकार उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट है.

एक सप्ताह के रिमांड पर हैं आरोपी: एएस चावला ने कहा कि मामला पेचीदा होने के चलते आगामी जांच में कुछ समय जरूर लग सकता है. जांच टीम ने आगामी जांच के लिए उक्त आरोपियों को अदालत में पेश कर कोर्ट से उनका एक सप्ताह का रिमांड हासिल किया है. हालांकि, आरोपियों की 14 दिन की रिमांड की मांग की गई थी लेकिन कोर्ट ने सभी की एक सप्ताह के रिमांड की मंजूरी दी.

मिलीभगत की प्रबल संभावना : एएस चावला ने कहा कि शुरूआती जांच में ऐसा जान पड़ रहा है कि कोई मिलीभगत जरूर हो सकती है. लेकिन किसी तथ्य पर आश्वस्त हुए बिना कुछ कहना उचित नहीं होगा. उन्होंने इस घोटोले में अधिकांश रकम हरियाणा सरकार और कुछ रकम चंडीगढ़ प्रशासन की होने की बात कही. उन्होंने बताया कि शुरूआती तौर पर बैंक अपने स्तर पर केस दर्ज करवाना चाह रहा था. लेकिन हरियाणा पुलिस पहले से जांच कर रही थी, जिस कारण केस दर्ज किया गया. उन्होंने मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही.

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Last Updated : February 25, 2026 at 9:07 PM IST