सदन में उठा चांडिल डैम के विस्थापितों का मसला, सरकार का जवाब, RL के आधार पर चरणबद्ध हो रहा है भुगतान
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में ईचागढ़ की झामुमो विधायक सबिता महतो ने चांडिल डैम के विस्थापितों का मुद्दा उठाया.

Published : February 19, 2026 at 3:52 PM IST
रांची: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में चांडिल डैम का निर्माण करीब 42 साल पहले हुआ था. इसकी वजह से 84 मौजा के 116 गांव के लोग विस्थापित हुए थे. लिहाजा, पुनर्वास नीति के तहत चयनित 22 स्थलों में से 13 पुनर्वास स्थलों का आंशिक विकास तो हुआ लेकिन आजतक 9 पुनर्वास स्थल विकसित नहीं किए गये हैं. यह मसला बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान उठा. ईचागढ़ की झामुमो विधायक सबिता महतो के सवाल पर विभागीय मंत्री हफीजुल हसन ने भरोसा दिलाया कि चरणबद्ध तरीके से विस्थापितों को सुविधाएं मुहैया कराई जा रहीं हैं.
कुल 19,177 परिवार हुए हैं विस्थापित
सरकार ने माना कि 1992 में चांडिल डैम के निर्माण का काम पूरा हुआ था. इसकी वजह से 116 गांव प्रभावित हुए थे. जिसमें से 38 गांव पूर्ण और 78 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हैं. इसकी वजह से कुल विस्थापित परिवारों की संख्या 19,177 है. विभागीय मंत्री ने कहा कि RL यानी REDUCED LEVEL के आधार पर चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है.
वर्तमान में प्रथम चरण में 183 मीटर के लेवल तक के गांवों के विस्थापितों को पुनर्वास अनुदान भुगतान का कार्यक्रम है. इसके तहत 13.27 करोड़ रु का आवंटन कर दिया गया है. इसके बाद RL 183 मीटर से 185 मीटर और 185 मीटर के ऊपर के विस्थापितों का भुगतान किया जाएगा.
प्रथम चरण में इन विस्थापितों को अनुदान
विभागीय मंत्री ने बताया कि गृह निर्माण अनुदान मद में 12,852 विस्थापित परिवारों को लाभ दिया जा चुका है. साथ ही 12,410 परिवारों को आवासीय भूखंड के बदले समतुल्य राशि दी जा चुकी है. स्वरोजगार अनुदान मद में 12,377 परिवारों को लाभ दिया गया है. इसके अलावा जीवन निर्वाह अनुदान, परिवहन अनुदान और प्रशिक्षण अनुदान मद में भी लाभ दिए गये हैं. इसको चरणबद्ध तरीके से सभी विस्थापित परिवारों तक पहुंचाना है.
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