जयपुर से निकलेंगी विश्वस्तरीय सीए फर्में! आईसीएआई के विजन को धरातल पर उतारने की तैयारी
सीए, सीएस, कॉस्ट अकाउंटेंट, एक्चुअरी, एडवोकेट, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, टेक्नोक्रेट और एमबीए जैसे अन्य प्रोफेशनल्स को भी एक मंच पर लाया जाएगा.

Published : May 30, 2026 at 9:24 PM IST
जयपुर: भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) देश में ऐसी मजबूत और मल्टीडिसीप्लिनरी सीए फर्मों का नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रोफेशनल सर्विसेज देने में सक्षम हों. इसी उद्देश्य से आईसीएआई देशभर में बड़े स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम चला रहा है. इसके तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फर्मों को एक्सपेंशन, पार्टनरशिप साझेदारी और मल्टीडिसीप्लिनरी मॉडल अपनाने को प्रेरित किया जा रहा है.
आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए सतीश गुप्ता ने बताया,संस्थान का लक्ष्य देश को कम से कम 100 ऐसी फर्में देना है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें. इसके लिए आईसीएआई मल्टीडिसीप्लिनरी मॉडल को बढ़ावा दे रहा है. इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ कंपनी सेक्रेट्री, कॉस्ट अकाउंटेंट, एक्चुअरी, एडवोकेट, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, टेक्नोक्रेट और एमबीए जैसे अन्य प्रोफेशनल्स को भी एक मंच पर लाया जाएगा.
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वैश्विक स्तर पर भारतीय फर्मों की पहचान बनाने का लक्ष्य :सीए सतीश गुप्ता ने कहा, वर्तमान समय में बड़ी विदेशी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी नेटवर्क वैश्विक स्तर पर प्रोफेशनल सर्विसेज दे रहे हैं. ऐसे में भारत को भी अपनी मजबूत और व्यापक क्षमताओं वाली फर्मों की आवश्यकता है. आईसीएआई का प्रयास है कि कम से कम 50 ऐसी विश्वस्तरीय फर्में इस वित्तीय वर्ष में तैयार की जाएं जो देश और विदेश दोनों में अपनी पहचान बना सकें. उन्होंने कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन को भी मजबूती मिलेगी. भारतीय प्रतिभा और संसाधनों का अधिकतम उपयोग देश के भीतर होगा और देश का माइंड देश के लिए काम करेगा.
फर्मों की चुनौतियों पर होगा मंथन :सीए गुप्ता ने बताया कि ये आउटरीच कार्यक्रम है, जिसमें जयपुर समेत विभिन्न शहरों की सीए फर्मों को बुलाया जा रहा है. इसमें फर्मों के सामने चुनौतियों, विस्तार की संभावना और साझेदारी मॉडल पर चर्चा होगी. विशेषज्ञ फर्मों को बड़ा बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी देंगे. कई फर्में टेक्निकल एफिशिएंसी और क्वालिटी सर्विसेज देने के बावजूद सीमित संसाधनों और छोटे आकार के कारण बड़े अवसरों तक नहीं पहुंच पातीं. ऐसे में संस्थान उन्हें संगठित और सक्षम बनाने का प्रयास कर रहा है.
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जयपुर से पांच बड़ी फर्में तैयार करने की योजना :आईसीएआई जयपुर ब्रांच के चेयरमैन सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने बताया कि जयपुर में अभी लगभग 5 हजार सीए फर्में कार्यरत हैं. हालांकि इनमें अधिकांश छोटी या मध्यम आकार की हैं. अब लक्ष्य जयपुर को ऐसी कम से कम पांच बड़ी फर्में देना है, जिनमें 50 से 100 तक पार्टनर हों और जो राष्ट्रीय स्तर की अग्रणी फर्मों में शामिल हो सकें. देश की शीर्ष 50 फर्मों में जयपुर की कम से कम पांच फर्मों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. इसी उद्देश्य से 19 जून को विशेष कार्यक्रम किया जाएगा. इसमें बड़ी फर्मों के प्रोपराइटर, पार्टनर और सीनियर प्रोफेशनल्स को आमंत्रित किया जाएगा.
बड़ी फर्मों को मिलते हैं बड़े अवसर :सीए शर्मा ने बताया कि अभी अधिकांश फर्मों के पास एक-दो शाखाएं और सीमित संसाधन होते हैं, जबकि बड़ी फर्मों को अधिक अवसर मिलते हैं. कई बैंक और सरकारी संस्थान ऑडिट एवं परामर्श कार्यों के लिए न्यूनतम पार्टनर संख्या और निश्चित टर्नओवर जैसे मानदंड निर्धारित करते हैं. पांच या अधिक पार्टनर वाली फर्मों को बड़े ऑडिट असाइनमेंट मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं. बैंकिंग सेक्टर में सेंट्रल ऑडिटर बनने के लिए भी फर्म का प्रॉपर क्राइटेरिया और एक्सपीरियंस जरूरी होता है. कई सरकारी संस्थानों में न्यूनतम 15 पार्टनर की शर्त रहती है. विभिन्न फर्में मिलकर काम करेंगी तो न केवल पार्टनरशिप मजबूत होगी, बल्कि टर्नओवर, ह्यूमन रिसोर्सेज और विशेषज्ञता जैसे मानदंड भी आसानी से पूरे किए जा सकेंगे. इससे जयपुर की फर्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा.
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सीए विद्यार्थियों के लिए भी बड़ा आयोजन :आईसीएआई जयपुर ब्रांच विद्यार्थियों के स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दे रही है. सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस करेंगे. 27 और 28 जून को कॉन्फ्रेंस में 2 हजार 500 से ज्यादा सीए छात्रों के शामिल होने की संभावना है. सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इनकम टैक्स, जीएसटी, प्रोफेशनल एथिक्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और भविष्य की उभरती चुनौतियों जैसे विषयों पर देश के प्रमुख विशेषज्ञ और उद्योग जगत के शीर्ष लीडर्स विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे.
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