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जींद पहुंची देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, सोनीपत रूट पर दौड़ेगी, 140 KM होगी रफ्तार, जानें खासियत

जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पहुंच चुकी है. यह ट्रेन जींद से सोनीपत रूट पर चलेगी. जानें ट्रेन की खासियत

इतिहास रचने को जींद तैयार, होगी नई क्रांति की शुरुआत
इतिहास रचने को जींद तैयार, होगी नई क्रांति की शुरुआत (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : January 3, 2026 at 7:58 AM IST

2 Min Read
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जींद: हरियाणा के जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुक्रवार को जींद पहुंच गई है. यह ट्रेन एक किलो हाइड्रोजन में करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देगी. वहीं, इन ट्रेनों का रखरखाव भी सस्ता होगा. इलेक्ट्रिक की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन 10 गुणा अधिक दूरी तय कर सकती है. ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन में 180 किमी का सफर करेगी. ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे. ईंधन सेल की लागत और रखरखाव में भी कम खर्च वाला है.

रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन: बता दें कि जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है. यह ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. फिलहाल हाइड्रोजन प्लांट में टेस्टिंग का कार्य चल रहा है. इसी माह के अंत तक यह ट्रेन चलने की उम्मीद है. जींद रेलवे जंक्शन पर लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से दो हजार मीटर एरिया में हाइड्रोजन गैस प्लांट का निर्माण चल रहा है. हाइड्रोजन गैस से चलने वाले इंजन धुएं की बजाय भाप और पानी छोड़ेंगे. इसलिए इसमें धुआं नहीं निकलेगा.

रफ्तार में डीजल ट्रेन से करेगी मुकाबला: इसकी रफ्तार और यात्रियों को ले जाने की क्षमता भी डीजल ट्रेन के बराबर होगी. आवाज न होने के चलते यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे. हाइड्रोजन प्लांट में जमीन के नीचे भंडारण तैयार किया गया है. इसमें लगभग तीन हजार किलोग्राम गैस का भंडार होगा. ट्रेन को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी. वहीं, स्टेशन की छतों का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा.

धुएं की जगह ट्रेन से निकलेगा भाप: हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन आठ-दस डिब्बों की होगी. यह हाइब्रिड ट्रेनें होंगी. जिनमें अक्षय ऊर्जा भंडारण जैसे बैटरी या सुपर कैपेसिटर लगे होंगे. इंजन में डीजल की जगह फ्यूल सेल, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन डाली जाएगी. ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलेगी और इस ताप से बिजली पैदा होगी. बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करेगी. जिससे ट्रेन चलेगी. इस दौरान धुएं की जगह सिर्फ भाप और पानी निकलेगा.

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