जांजगीर चांपा में सड़क के लिए आमरण अनशन, 3 जुलाई को पामगढ़ में चक्काजाम का ऐलान
छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में 10 युवा आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. सड़क निर्माण के लिए ये आंदोलन कर रहे हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 1, 2026 at 10:16 PM IST
जाजंगीर चांपा: बिलासपुर संभाग के बड़े जिलों में शुमार जांजगीर चांपा में 10 युवा आमरण कर रहे हैं. सभी युवा बीते तीन दिनों से अनशन पर हैं. डोंगाकोहरौद गांव में सड़क की मांग को लेकर युवा अनशन कर रहे हैं. युवाओं के समर्थन में अब डोंगाकोहरौद गांव के ग्रामीण भी आ गए हैं. बुधवार को डोंगाकोहरौद की महिलाओ ने रैली निकाल कर एसडीएम कार्यकाल का घेराव किया. महिलाओं के साथ क्षेत्र के लोगों ने 3 जुलाई तक सड़क निर्माण नहीं होने पर बिलासपुर शिवरीनारायण मार्ग को जाम करने का ऐलान कर दिया.
जानिए क्या है पूरा मामला ?
पामगढ़ लाहौद से रायपुर को जोड़ने वाली सड़क 15 साल से अधूरी है. डोंगाकोहरौद गांव के किसानों की जमीन अधिग्रहण किए बिना ही सड़क चौड़ीकरण करने के लिए शासन ने राशि स्वीकृत कर दी थी. लेकिन जिन किसानों की जमीन सड़क में आ रही है उन्होंने पहले मुआवजे की मांग की. उसके बाद मुद्दा हाई कोर्ट में चला गया. उसके बाद राज्य सरकार ने पांच किलोमीटर की सड़क की चौड़ाई कम कर निर्माण करने की योजना बनाई. इसके बाद भी 62 किसानों की जमीन सड़क से प्रभावित होने लगी और ठेकेदार ने सड़क निर्माण करने से मना कर दिया. उसके बाद से सड़क का काम अधूरा छूट गया.
आमरण अनशन के बाद चक्काजाम की चेतावनी
अब पांच किलोमीटर की सड़क ग्रामीणों के साथ वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. इसी सड़क के निर्माण के लिए युवाओं ने अनशन शुरू कर दिया है. तीन दिनों से अनशन मे बैठे युवकों की सुध नहीं लेने पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का मन बना लिया. आज पामगढ़ में रैली निकाल कर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. लोगों ने 3 जुलाई को चक्काजाम की चेतावनी दी है.

प्रशासन ने गिनाई अपनी सीमाएं
पामगढ़ एसडीएम आरके तम्बोली ने डोंगा कोहरौद की खस्ता हाल सड़क की जानकारी शासन और प्रशासन को होने का दावा किया. उन्होंने लंबे समय से रुके सड़क निर्माण के लिए शासन स्तर पर काम जारी होने का दावा किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने 2.7 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव मंगाया है, जिसे पीडब्लूडी के द्वारा तैयार भी कर लिया गया है. इसके बावजूद 65 ग्रामीणों की जमीन का कुछ हिस्सा सड़क में आने के कारण अभी तक काम रुका है. अगर ग्रामीण पुराने सड़क में ही सड़क निर्माण के लिए तैयार हो और मुआवजा नहीं लेने की लिखित सूचना देते हैं. तभी सड़क निर्माण का काम शुरू हो पाएगा.


