ये क्या मामला है? बिहार में तालाब में मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड
सीतामढ़ी के पोखर में सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिले हैं. नेपाल बॉर्डर से सटे गांव में हड़कंप मचा है. पढ़ें खबर

Published : May 19, 2026 at 2:30 PM IST
सीतामढ़ी : बिहार के सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित घुरघुरा रामनगर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के एक पोखर से सैकड़ों की संख्या में वोटर आईडी कार्ड बरामद किए गए. नेपाल सीमा से बेहद करीब बसे इस गांव में मतदाता पहचान पत्रों का इस तरह लावारिश हालत में मिलना अब कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
सीतामढ़ी में तालाब से मिले वोटर कार्ड : घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. जानकारी के अनुसार गांव के दो बच्चे पोखर में घोंघा चुनने के लिए उतरे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी में पड़े कुछ कार्डों पर पड़ी. पहले बच्चों को लगा कि यह कोई सामान्य कागज है, लेकिन जब उन्होंने करीब जाकर देखा तो वे वोटर आईडी कार्ड निकले. बच्चों ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी.
सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीण : इसके बाद देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई. लोगों ने पोखर में उतरकर कार्ड निकालना शुरू किया. ग्रामीणों का दावा है कि वहां से बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र बरामद हुए हैं. कई कार्ड पानी में भीगे हुए थे, जबकि कुछ पूरी तरह सुरक्षित हालत में मिले.
घटना की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई. नेपाल सीमा से सटे इलाके में इतने बड़े पैमाने पर वोटर आईडी कार्ड मिलने से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज पोखर तक पहुंचे कैसे? क्या इन्हें जानबूझकर यहां फेंका गया या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है?

''फोन और वाट्सएप के जरिए जानकारी प्राप्त हुई है. बरामद सभी वोटर आईडी कार्डों को प्रखंड कार्यालय भेजने के लिए कहा गया है. सभी की जांच कराई जाएगी. इसकी गहनता से जांच करने के लिए टीम गठित की जाएगी. बिना कार्ड देखे अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा.''- मृत्युंजय कुमार, बीडीओ
प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा! : स्थानीय लोगों का कहना है कि वोटर आईडी कार्ड केवल पहचान पत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र से जुड़ा अहम दस्तावेज होता है. ऐसे में इसका इस तरह पोखर में मिलना प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है. ग्रामीणों ने मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को दे दी है.
गुस्से में ग्रामीण : गांव के लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. घटना के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. लोग इसे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची प्रबंधन से जोड़कर देख रहे हैं. फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि ये वोटर आईडी कार्ड किन लोगों के हैं, इन्हें यहां किसने फेंका और इसके पीछे की असली वजह क्या है.
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