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सरकार ही नहीं दफ्तर भी करोड़ों के कर्जदार, छिंदवाड़ा नगर निगम को वसूली में छूट रहा पसीना

सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रु बकाया, नहीं चुका रहे टैक्स, छिंदवाड़ा से महेंद्र राय की विशेष रिपोर्ट.

Chhindwara nagar nigam sent notice to govt offices
नगर निगम ने बकायादारों को नोटिस किए जारी (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 27, 2026 at 4:39 PM IST

4 Min Read
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छिन्दवाड़ा : एक ओर मध्य प्रदेश सरकार लगातार हजारों करोड़ों के कर्ज लेकर सरकार चला रही है तो वहीं प्रदेश में कई ऐसे सफ्तार दफ्तर भी हैं, जो करोड़ों के कर्जदार हैं. ताजा मामला नगर निगम छिंदवाड़ा से सामने आय है जहां कई सरकारी दफ्तर और विभाग ऐसे हैं, जो नगर निगम का करोड़ों रुपए का टैक्स डकार कर बैठे हैं.

सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रु बकाया

नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की सरकारी मंशा पर सरकारी डिपार्टमेंट ही पलीता लगाने में लगे हैं. नए वित्तीय वर्ष में निगम ने बनाई बकायादारों की सूची में 345 डिपार्टमेंट ऐसे निकलकर सामने आए हैं, जिन्हें बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी ये संपत्तिकर चुकाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इनमें ऐसे मलाईदार विभाग भी हैं, जहां रोजाना लाखों के वारे-नारे होते हैं, लेकिन इसके बाद भी हजारों का संपत्तिकर चुकाने में ये आनाकानी कर रहे हैं.

टॉप बकायादार, जो नहीं चुका रहे टैक्स

विभागबकाया
आरटीओ82,877रु
फॉरेस्ट7,14,845 रु
SAF4,51,872 रु
बॉयज हॉस्टल3,17,131 रु
ट्राइबल म्यूजियम1,63,975 रु
एमएलबी स्कूल4,59,592 रु
एक्सीलेंस स्कूल6,77,662 रु
जलतरंग ऑफिस2,14,394 रु
वनवृत्त रोपणी3,51,514 रु
LLB कॉलेज7,46,745

347 विभाग से वसूलना है 4 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स

तीन साल पहले शासन ने आदेश जारी किए थे कि नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरकारी विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा. इसे सरकारी भाषा में सेवा प्रभार शुल्क नाम दिया गया. निगम क्षेत्र के में 345 सरकारी डिपार्टमेंट की सूची तैयार की गई. सरकार के आदेश के बाद नगर निगम ने नोटिस जारी करने शुरु कर दिए. अधिकारी ये मानकर चल रहे थे कि सरकार का आदेश है तो ये विभाग भी समय पर टैक्स चुकाएंगे, लेकिन इस आदेश के उल्टा हुआ. एक भी विभाग ने राशि चुकाने में रुचि नहीं दिखाई.

government offices are indebted with crores
सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रु बकाया (Etv Bharat)

आज हालात ये हैं कि इन विभागों पर 3 करोड़ 97 लाख 50 हजार 202 रुपए का बकाया हो गया. बकाया नहीं चुकाने वाले डिपार्टमेंट में हाऊसिंग बोर्ड, वनविभाग, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, एमपीईबी जैसे कमाई वाले विभाग भी शामिल हैं.

बकायादारों को नोटिस किए गए जारी, अधिकारियों को भी जानकारी

छिंदवाड़ा नगर निगम कमिश्नर चंद्र प्रकाश राय ने बताया, '' समय-समय पर सभी विभागों को मांगपत्र दिया जा चुका है. जो विभाग सेवा प्रभार शुल्क नहीं दे रहे हैं. उनकी सूची से संचालनालय को अवगत करा दी गई है. विभाग से आदेश आने के बाद इन बकायादारों पर नियम अनुसार जो कार्रवाई होगी वह भी किया जाएगा.''

CHHINDWARA GOVERMENT OFFICE TAX NIGAM NOTICE
सरकार ने आदेश तो दिया लेकिन बजट का टोटा (Etv Bharat)

सरकार ने आदेश तो दिया लेकिन बजट का टोटा

नगरीय निकायों को सेल्फ डिपेंड बनाने के लिए सरकार ने आदेश तो दिया है कि सरकारी दफ्तर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करेंगे लेकिन इन सरकारी दफ्तरों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया है. ऐसे विभागों की लंबी फेहरिश्त है. क्योंकि मामला सरकारी है. इसलिए निगम अधिकारी भी सख्ती बरत नहीं पा रहे हैं.

Municipal Corporation
347 विभाग से वसूलना है 4 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स (Etv Bharat)

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सबसे ज्यादा आंगनवाड़ी का टैक्स बकाया

निगम के पास मौजूद लिस्ट में सबसे ज्यादा नाम शहर में संचालित आंगनवाड़ियों के हैं. नगर निगम में 169 आंगनवाड़ियों का संचालन होता है, जिनमें से 93 किराए और 76 आंगनवाड़ियां सरकारी भवनों में संचालित होती हैं. दूसरा नंबर शिक्षा विभाग का है. शहर में स्कूल, हॉस्टल और डीईओ, बीईओ और बीआरसी कार्यालय से भी राशि वसूल करनी है, लेकिन ये भी सिर्फ फंड नहीं होने की बात कहकर टैक्स चुकाने से मना कर चुके हैं. सतपुड़ा क्लब, एसएएफ क्वार्टर के पास शहर में बड़ा क्षेत्र हैं, बकाया लाखों में पहुंच चुका है, लेकिन चुकाने के लिए यहां के प्रभारी फंड नहीं होने की बात कह रहे हैं