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हिमाचल में वित्तीय संकट के बीच HRTC पेंशनर्स का फूटा गुस्सा, सरकार को दिया अल्टीमेटम

समय पर पेंशन न मिलने के कारण रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदना भी कई पेंशनरों के लिए चुनौती बन गया है.

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हिमाचल में वित्तीय संकट के बीच HRTC पेंशनर्स का फूटा गुस्सा (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 9, 2026 at 5:01 PM IST

3 Min Read
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सोलन: हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. रविवार को वित्त विभाग द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है. इसी बीच हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) के पेंशनरों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पेंशन, मेडिकल भत्तों और अन्य बकायों को लेकर नाराज पेंशनरों ने साफ कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

सोमवार को जिला मुख्यालय सोलन में HRTC पेंशनर्स कल्याण संघ की मासिक बैठक आयोजित की गई. बैठक में पेंशनरों को आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और यह तय किया गया कि इन मुद्दों को सरकार और HRTC प्रबंधन के सामने किस तरह मजबूती से उठाया जाए. बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे.

देरी से मिल रही पेंशन बनी बड़ी समस्या

HRTC पेंशनर्स कल्याण संघ के महासचिव जगदीश ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन से चार महीनों से पेंशन महीने के अंत में दी जा रही है. इससे पेंशनरों को रोजमर्रा के खर्च चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रबंधन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेंशनर लगातार मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी अन्य विभागों के पेंशनरों की तरह समय पर पेंशन दी जाए, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. पेंशनरों को बार-बार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.

मेडिकल भत्ते 2022 से लंबित

पेंशनरों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती. महासचिव ने बताया कि पेंशनरों के मेडिकल भत्ते वर्ष 2022 से लंबित पड़े हैं. कई मेडिकल बिल आज तक पास नहीं हुए हैं, जिससे पेंशनरों को इलाज कराने में मुश्किल हो रही है. उन्होंने कहा कि कुछ पेंशनर इलाज और पैसों के अभाव में दुनिया छोड़ चुके हैं, जो बेहद दुखद है.

लोन और रोजमर्रा का खर्च बन रहा चुनौती

समय पर पेंशन न मिलने से उन पेंशनरों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन या घर के लिए होम लोन लिया है. किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है. यहां तक कि रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदना भी कई पेंशनरों के लिए चुनौती बन गया है.

एरियर और डीए बकाया पर भी नाराजगी

HRTC पेंशनरों ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को 50 हजार रुपये की स्केल एरियर की किस्त मिल चुकी है, लेकिन HRTC कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है. इसके अलावा 3 प्रतिशत डीए भी लंबे समय से बकाया है, जिस पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है. जगदीश ठाकुर ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर पेंशनरों में गहरा रोष है. सरकार और प्रबंधन द्वारा किए जा रहे सौतेले व्यवहार के चलते मजबूरी में उन्हें आवाज उठानी पड़ रही है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि HRTC पेंशनरों ने सरकार और प्रबंधन को 28 फरवरी तक का नोटिस दिया है. यदि तब तक मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में ठोस कदम उठाते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा.

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