CM रेखा गुप्ता ने GTB अस्पताल में तीन दिन पहले किया एचपीवी वैक्सीनेशन का उद्घाटन, अभी तक 150 से ज्यादा को लगा टीका
दिल्ली में तीन महीने तक युद्ध स्तर पर एचपीवी वैक्सीनेशन ड्राइव चलाने की हो रही तैयारी.

Published : March 3, 2026 at 3:10 PM IST
|Updated : March 3, 2026 at 8:18 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के गुरू तेग बहादुर (जीटीबी) में 28 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव वाली एचपीवी वैक्सीन लगाने के काम का शुभारंभ किया था. उसके बाद अभी तक 150 से ज्यादा बालिकाओं को टीका लगाया जा चुका है. वैक्सीनेशन प्रोग्राम से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर दिन अलग-अलग जगह पर वैक्सीनेशन के लिए सेशन किए जा रहे हैं. एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए कोविन ऐप पर जाकर के ऑनलाइन स्लॉट बुक करना है. उसके बाद संबंधित सेंटर पर जाकर के टीका लगवाना है. अधिकारी ने बताया कि अभी 14 साल की उम्र पूरी कर चुकी और 15 साल से कम उम्र वाली बालिकाओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जा रहा है. इसके लिए स्कूलों के साथ कोलैबोरेशन किया जा रहा है.
दिल्ली में 14 साल से ज्यादा और 15 साल से कम उम्र की हैं करीब एक लाख 60 हजार बालिकाएं
स्कूलों के साथ मिलकर के स्कूलों में ही टीकाकरण का अभियान चलाया जाएगा. हम युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी में जुट गए हैं. उन्होंने बताया कि 14 साल पूरी कर चुकी और 15 साल से कम उम्र वाली करीब एक लाख 60 हजार बालिकाएं दिल्ली में हैं. अगले 3 महीने में इनका टीकाकरण करने की तैयारी की जा रही है. युद्ध स्तर पर यह अभियान चलाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा निदेशालय के साथ इसके लिए समन्वय किया जा रहा है ताकि स्कूल इस टीकाकरण अभियान में पूरा सहयोग दे सकें. साथ ही स्कूल में ही बालिकाओं को टीका लगाया जा सके.
एचपीवी वैक्सीनेशन की ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को होली पर नहीं दी गईं छुट्टियां
अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए इस ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं. उन्हें होली पर छुट्टियां भी नहीं दी गई हैं. होली वाले दिन भी टीकाकरण के लिए सेशन किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि मंगलवार को 21 बच्चियों को टीका लगा है. सोमवार को भी 16 सेशन हुए थे जिनमें 21 बच्चों को टीका लगा है. उन्होंने बताया कि जिस दिन सीएम ने उद्घाटन किया था उस दिन जीटीबी हॉस्पिटल में 23 बच्चियों को टीका लगा था. अधिकारी ने बताया कि अभी बच्चों के एग्जाम भी चल रहे हैं और होली का त्यौहार भी है, इस वजह से पेरेंट्स एचपीवी वैक्सीन लगवाने में अभी ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. लेकिन होली और एग्जाम खत्म होने के बाद इसमें तेजी आएगी और हम लोग भी जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाएंगे.
604 सेंटर पर लगाया जाएगा एचपीवी का टीका
वैक्सीनेशन प्रोग्राम से जुड़े अधिकारी ने यह भी बताया कि दिल्ली में 604 सेंटर्स पर यह टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा. इसमें डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल होंगे. अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी सेंटर पर जाकर के पेरेंट्स अपनी बच्चियों को यह टीका लगवा सकते हैं. सरकार का पहला लक्ष्य 14 से 15 साल की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगा करके सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए तैयार करना है. उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा अधिकतर शादी के बाद या सेक्सुअल एक्टिविटी के बाद ही होता है. इसलिए सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए तैयार होने से पहले ही बालिकाओं को यह टीका लगा करके सर्वाइवल कैंसर से सुरक्षित करने की तैयारी है.
केंद्र सरकार की ओर से अपने टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है एचपीवी वैक्सीनेशन को
बता दें कि पिछले साल जो केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया था तब एचपीवी वैक्सीनेशन को सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की गई थी और अब उस घोषणा का पालन करने की शुरुआत की गई है. 28 फरवरी को पूरे देश में इस अभियान को लांच किया गया ताकि एचपीवी वैक्सीनेशन शुरू किया जा सके. लेकिन अभी दिल्ली में उद्घाटन के बाद इस वैक्सीनेशन प्रोग्राम को जमीन पर उतरने में समय लगेगा. अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि दिल्ली की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा. बता दें कि हमारे देश में सर्वाइकल कैंसर से बड़ी संख्या में महिलाओं की मौत होती है. सर्वाइकल कैंसर ही एक ऐसा कैंसर है जिसकी वैक्सीन बनाने में सफलता मिली है. इसके अलावा अभी और किसी भी प्रकार के कैंसर से बचाव की वैक्सीन नहीं बनी है. इसलिए सरकार ने एचपीवी वैक्सीनेशन को अपने सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है ताकि 14-15 साल की बालिकाओं को यह टीका लगवाकर उनको सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके.

