ETV Bharat / state

3 मार्च से HPBOSE की फाइनल परीक्षाएं, 1.94 लाख छात्र देंगे एग्जाम, 2384 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

मंगलवार से HPBOSE बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा का फाइनल एग्जाम होने जा रहा है.

3 मार्च से HPBOSE की फाइनल परीक्षाएं
3 मार्च से HPBOSE की फाइनल परीक्षाएं (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : March 2, 2026 at 11:08 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

धर्मशाला: मंगलवार यानी 3 मार्च को 9 बजकर 45 मिनट से एक बजे तक जमा दो (10+2) का संस्कृत और इसी समय पर दसवीं कक्षा का अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी. हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की फाईनल परीक्षाओं में इस बार एक लाख 94 हजार छात्र परीक्षा में भाग लेंगे. वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में 2384 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.

स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया, 'पहली बार परीक्षाएं पौने 10 से एक बजे तक एक ही समय सारिणी के तहत होंगी. इस बार परीक्षाओं में जंबलिंग प्रश्न पत्र छात्रों के लिए उपलब्ध करवाए गए हैं. नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड भी गठित किए गए हैं, साथ ही लाइव मॉनिटरिंग सेंटर भी स्थापित किया गया है'.

इस बार भी परीक्षाओं में सात स्तरीय नकल रोको प्रणाली लागू रहेगी. साथ ही एग्जाम मित्र ऐप व सीसीटीवी से हर पल की निगरानी की जाएगी, जिसमें सीधे बोर्ड मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज पहुंच सकेगी.

इस बार बोर्ड की दसवीं व जमा दो की फाईनल परीक्षाओं में एक लाख 94 हजार छात्र भाग लेंगे. इसमें दसवीं में 97 हजार व जमा दो के 87 हजार परीक्षार्थी शामिल हैं. साथ ही एसओएस के तहत आठवीं में 220 के करीब, दसवीं में 4500 व जमा दो के भी पांच हजार कुल मिलाकर 10 हजार के करीब छात्र परीक्षाएं देंगे.

इसके लिए प्रदेश भर में दो हजार 384 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं. जिसमें सुबह पौने 10 से एक बजे तक परीक्षाएं संचालित की जाएगी. साथ ही बोर्ड की ओर से 41 स्थल मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी.

इस बार बोर्ड की ओर से दसवीं व जमा दो के परिणाम को जारी करने के लिए 30 अप्रैल को पहला रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वार्षिक परीक्षाओं के लिए बोर्ड द्वारा हर परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं. नकल रोकने के लिए बोर्ड की ओर से सात स्तरीय प्रणाली अपनाई गई है, जिसमें शिक्षा बोर्ड की फ्लाइंग स्क्वायड प्रदेश के हर जिला में पहुंचेगी.

इसके साथ ही शिक्षा विभाग की तीन-तीन टीमें, प्रशासन की फ्लाइंग स्क्वायड के तहत हर एसडीएम स्तर पर दो-दो टीमें, सीसीटीवी कैमरे व एग्जाम मित्र ऐप की भी व्यवस्था की गई है. वहीं, परीक्षा केंद्रों की लाईन मॉनिटरिंग के लिए बड़े स्तर पर मॉनिटरिंग सेंटर भी स्थापित किए गए हैं.

ये भी पढ़ें: HPBOSE बोर्ड परीक्षाओं पर 'कवच' की तैयारी, पारदर्शिता की कसौटी पर फ्लाइंग स्क्वॉड की होगी नई भूमिका