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HPBOSE बोर्ड परीक्षाओं पर 'कवच' की तैयारी, पारदर्शिता की कसौटी पर फ्लाइंग स्क्वॉड की होगी नई भूमिका

​हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी फ्लाइंग स्क्वॉड की होगी.

HPBOSE परीक्षाओं पर 'कवच' की तैयारी
HPBOSE परीक्षाओं पर 'कवच' की तैयारी (IANS)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 7:56 PM IST

3 Min Read
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शिमला: ​हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्तों) के लिए नई कार्यप्रणाली तय की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे बनाए रखने की सीधी जिम्मेदारी फ्लाइंग स्क्वॉड की होगी.

डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि सभी उड़नदस्ते पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे में रहकर अपने कर्तव्यों का पालन करें, ताकि राज्य की परीक्षा व्यवस्था की साख बनी रहे. उन्होंने विशेष रूप से हिदायत दी कि निरीक्षण इस तरह से हो कि विद्यार्थियों की एकाग्रता और समय प्रबंधन (Time Management) प्रभावित न हो, जिससे वे बिना किसी घबराहट के अपनी प्रतिभा दिखा सकें.

छात्रों का मनोबल न टूटे: भय नहीं, भरोसा पैदा करें

निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर डॉ. शर्मा ने एक बेहद संवेदनशील पहलू पर जोर दिया है. डॉ. शर्मा ने कहा, 'चेकिंग के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉड को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी उपस्थिति से किसी भी छात्र पर अनावश्यक मानसिक दबाव न पड़े. बोर्ड का लक्ष्य परीक्षा केंद्रों पर 'डर का माहौल' बनाना नहीं, बल्कि एक 'शांतिपूर्ण वातावरण' तैयार करना है'.

​नकल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' और सीसीटीवी की पैनी नजर

​कठोरता के मोर्चे पर बोर्ड अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि नकल करने वाले छात्रों और इसमें संलिप्त शिक्षकों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. यदि कोई भी शिक्षक नकल करवाते हुए पाया गया, तो उस पर तत्काल और सख्त विभागीय कार्रवाई होगी. इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. परीक्षा केंद्रों से लेकर फ्लाइंग स्क्वॉड की गतिविधियों तक, सब कुछ सीसीटीवी की 'तीसरी आंख' की निगरानी में होगा. इसके साथ ही केंद्र अधीक्षक और उप-अधीक्षकों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है.

मेहनत का सम्मान: ईमानदार परीक्षार्थियों को विशेष भरोसा

​परीक्षा की शुचिता का संदेश देते हुए डॉ. राजेश शर्मा ने उन विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया है, जो ईमानदारी से अपनी तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो छात्र अनुचित साधनों से दूर रहते हैं, उन्हें किसी भी फ्लाइंग स्क्वॉड या निरीक्षण से डरने की जरूरत नहीं है. शिक्षा बोर्ड हर उस छात्र के साथ खड़ा है, जो अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहता है. बोर्ड एक सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है.

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