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12 फरवरी को बिजली कर्मचारी और इंजीनियर की देशव्यापी हड़ताल, निजीकरण का विरोध और OPS की मांग

12 फरवरी को 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे.

बिजली कर्मचारी और इंजीनियर की देशव्यापी हड़ताल
बिजली कर्मचारी और इंजीनियर की देशव्यापी हड़ताल (IANS)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 11, 2026 at 11:14 PM IST

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शिमला: देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता 12 फरवरी को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे. हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने इसकी जानकारी दी.

यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने तथा पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है.

लोकेश ठाकुर ने बताया, 'पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है. बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी'.

उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है. हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है.

हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों और आम जनता के हितों के विरुद्ध है. इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है.

हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने देश के सभी बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं से अपील की है कि वे 12 फरवरी की हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लें, अपनी एकता का प्रदर्शन करें और इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं.

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