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धर्मशाला छात्रा मौत मामले में राज्यपाल की दो टूक, रैगिंग के दोषियों को मिले सख्त सजा

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि धर्मशाला में छात्रा की मौत मामले में कई स्तर से हो रही है जांच.

HP Governor Shiv Pratap Shukla on Dharamshala Student Death
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 1:52 PM IST

3 Min Read
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धर्मशाला: कांगड़ा दौरे पर पहुंचे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत पर भी चिंता व्यक्त करते हुए बड़ी बातें कहीं हैं. राष्ट्रीय और प्रदेश से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर पूरी तरह सक्रिय है. विदेश मंत्री समय-समय पर संबंधित देशों से वार्ता कर रहे हैं और भारत अपना विरोध भी स्पष्ट रूप से दर्ज करवा रहा है.

धर्मशाला में छात्रा की मौत मामले में विभिन्न स्तर पर जांच जारी

धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत मामले पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि, "हिमाचल प्रदेश की मीडिया ने हमेशा संवेदनशील मुद्दों पर अपनी अहम भूमिका निभाई है. चाहे वह नशे के खिलाफ अभियान हो या फिर धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मौत का मामला उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है और मामला न्यायालय के अधीन है. इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं है."

दोषियों के खिलाफ होनी चाहिए कड़ी कार्रवाई

राज्यपाल ने शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए कहा कि, "ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि शिक्षा संस्थानों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं. रैगिंग पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए."

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला (ETV Bharat)

चुनाव आयोग पर अनावश्यक टिप्पणी करना उचित नहीं

राज्यपाल ने चुनाव आयोग को एक संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि, "इस पर अनावश्यक टिप्पणी करना उचित नहीं है. चुनाव आयोग समय-समय पर सूची के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाता है और आम नागरिकों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए लगभग एक माह का समय दिया जाता है. यदि किसी मतदाता का नाम गलती से सूची से हटता है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करवा सकता है."

देशविरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) विवाद पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हैं, जिनके संबंध देशविरोधी ताकतों से बताए जाते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री देश के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और ऐसी देशविरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उनकी डफली फिर बजने लगी है और उसे बंद करने के लिए कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

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