रोहित ठाकुर ने जेएंडके के सीएम डॉ. उमर अब्दुल्ला से की मुलाकात, शिक्षा व्यवस्था को लेकर हुआ मंथन
हिमाचल के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर के CM डॉ. उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की. दोनों राज्यों ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर मंथन किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 26, 2026 at 8:17 PM IST
शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान आज मुख्यमंत्री डॉ. उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की. शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना मसूद इटू और स्कूली शिक्षा निदेशक नसीर अहमद वानी के साथ भी अलग से बैठक की थी. इन बैठकों में दोनों राज्यों ने अपनी शिक्षा व्यवस्था, नवाचारों, चुनौतियों, सुधारों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान हिमाचल के समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली तथा अतिरिक्त सचिव (शिक्षा) अनिल चौहान विशेष तौर पर उपस्थित रहे.
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भौगोलिक और अन्य विशेष परिस्थितियों के कारण जम्मू-कश्मीर की शिक्षा व्यवस्था अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है. इसके बावजूद राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशिता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के नामांकन और शैक्षणिक उपलब्धियों में दिखाई देने लगा है.
जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना मसूद इटू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई चुनौतियां काफी हद तक समान हैं. जम्मू-कश्मीर में स्कूली शिक्षा व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी को सुदृढ़ किया गया है, जिससे विद्यालयों की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो रही है. सरकार शिक्षकों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है.
हिमाचल ने शिक्षा सुधारों की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बैठक के दौरान हिमाचल के शैक्षणिक परिदृश्य से अवगत कराया और कहा कि 'दोनों राज्यों की चुनौतियां एक जैसी हैं. ऐसे में दोनों राज्य एक-दूसरे के अनुभवों और सफल पहलों से सीख लेकर अपनी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की पहल की गई है, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे. सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा शुरू की गई है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी वातावरण के अनुरूप तैयार किया जा सके.'
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. इसी दिशा में शिक्षकों को सिंगापुर में प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने की पहल की गई. सिंगापुर की प्रतिष्ठित प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ समझौता भी किया गया. इसी तरह यूनेस्को के सहयोग से ‘एचपी फ्यूचर्स प्रोग्राम’ शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व क्षमता, सतत विकास और 21वीं सदी की आवश्यक दक्षताओं से सुसज्जित किया जा रहा है.

