20 लाख तक के बिलों पर सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, खुलने वाली है ठेकेदारों की किस्मत?
यह निर्णय उन छोटे और मध्यम ठेकेदारों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिनकी कार्यशील भुगतान में देरी के कारण प्रभावित होती है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:45 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय दबाव झेल रहे ठेकेदारों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य के लोक निर्माण (PWD), जल शक्ति और अन्य विभागों से संबंधित 20 लाख रुपए तक के सभी लंबित बिलों का प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए. वित्त विभाग के प्रवक्ता के अनुसार इसके लिए करीब 225 करोड़ रुपए की बकाया राशि जल्द ही विभिन्न विभागों को जारी की जाएगी. यह राशि सीधे उन ठेकेदारों तक पहुंचेगी, जो लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे थे.
जल्द जारी होगी 225 करोड़ रुपए की बकाया राशि
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा है, "आज वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल शक्ति विभाग सहित अन्य विभागों से जुड़े 20 लाख रुपये तक के सभी लंबित बिलों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. प्रदेश के छोटे और मध्यम ठेकेदार हमारे विकास कार्यों की रीढ़ हैं. इसे ध्यान में रखते हुए लगभग 225 करोड़ रुपये की बकाया राशि शीघ्र जारी की जा रही है. प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार न रुके और हर मेहनतकश को उसके परिश्रम का सम्मान समय पर मिले, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है."
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश में समय पर भुगतान न होने से छोटे और मध्यम ठेकेदारों पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा था, जिससे विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही थी. इस निर्णय से न केवल ठेकेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेशभर में चल रहे विकास कार्यों के सुचारु और निर्बाध क्रियान्वयन को भी मजबूती मिलेगी. यह निर्णय खास तौर पर उन छोटे और मध्यम ठेकेदारों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिनकी कार्यशील पूंजी अक्सर भुगतान में देरी के कारण प्रभावित होती है.
अब ठेकेदारों की वित्तीय परेशानी होगी दूर?
सरकार का उद्देश्य है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए और ठेकेदार समय पर परियोजनाएं पूरी कर सकें. ऐसे में सरकार की ओर से लोक निर्माण (PWD), जल शक्ति और अन्य विभागों से संबंधित 20 लाख रुपए तक के सभी लंबित बिलों का प्राथमिकता के आधार पर भुगतान करने के निर्णय से अब ठेकेदारों की वित्तीय परेशानी दूर होने वाली है. अब इससे प्रदेश भर के सभी जिलों में चल रहे विकासकार्यों में भी तेज आएगी. वहीं, विभिन्न जिलों में समय पर विकासकार्यों के पूरा होने से आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
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