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हिमाचल में इमर्सिव ट्रैवल को बढ़ावा देने के लिए 'दैट्स यू' कैंपेन लॉन्च, स्लो टूरिज्म से पर्यटन कारोबार में आएगी तेजी!

हिमाचल में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल की सुक्खू सरकार 'दैट्स यू' अभियान के तहत पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी में है.

Himachal Tourism Departments Thats You Campaign
हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डिपार्टमेंट का दैट्स यू कैंपेन लॉन्च (@SukhvinderSinghSukhu)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 1:37 PM IST

3 Min Read
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शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डिपार्टमेंट का "दैट्स यू" कैंपेन लॉन्च किया. इस अभियान का मकसद यात्रियों और हिमालय के प्राकृतिक माहौल के बीच एक गहरा और विशेष पर्सनल कनेक्शन बनाना है. इसको लेकर सीएम ने बताया कि, "यह कैंपेन राज्य की टूरिज्म पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव दिखाता है, जो पारंपरिक जगहों तक सीमित टूरिज्म से आगे बढ़कर स्लो टूरिज्म के कॉन्सेप्ट को बढ़ावा देता है."

हिमाचल में 'दैट्स यू' कैंपेन लॉन्च

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "स्लो टूरिज्म की ओर यह कदम राज्य सरकार के एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी के प्रति कमिटमेंट को भी दिखाता है. कम जाने-पहचाने गांवों में लंबे समय तक रुकने और स्थानीय परंपरा और संस्कृति में ज्यादा भागीदारी को बढ़ावा देकर, यह कैंपेन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, लोकप्रिय टूरिस्ट जगहों पर दबाव कम करने और ग्रामीण इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता को फोकस में लाने की कोशिश करता है."

टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए खास अभियान

सीएम सुक्खू ने कहा कि, "तेज रफ्तार दुनिया में, 'दैट्स यू' कैंपेन विजिटर्स को रुकने और स्थानीय लोगों के साथ घुलने-मिलने के लिए प्रोत्साहित करता है ताकि वे संस्कृति, रीति-रिवाजों और खान-पान के बारे में अधिक से अधिक जान सकें. यह कैंपेन खास तौर पर प्रदेश के एंट्री पॉइंट्स, एयरपोर्ट्स और हेरिटेज रेलवे स्टेशनों पर पर्यटकों का स्वागत करने के लिए डिजाइन किया गया है." वहीं, हिमाचल प्रदेश के टूरिज्म डायरेक्टर विवेक भाटिया ने कहा कि, यह कैंपेन चंडीगढ़-शिमला एंट्री रूट, गग्गल, भुंतर एयरपोर्ट और ऐतिहासिक कालका-शिमला टॉय ट्रेन रूट सहित मुख्य अराइवल पॉइंट्स पर लागू किया जाएगा.

क्या है इमर्सिव ट्रैवल?

इमर्सिव ट्रैवल का अर्थ है यह है कि किसी नई जगह की संस्कृति, जीवनशैली और लोगों में पूरी तरह घुल-मिल जाना, पर्यटक बनकर दूर से देखने के बजाय स्थानीय लोगों की तरह जीना और उसे महसूस करना. इसमें होमस्टे में रहना, स्थानीय बाजारों में जाना, पारंपरिक गतिविधियों में भाग लेना और स्थानीय लोगों के साथ जुड़ना शामिल है. इससे यात्रा का प्रामाणिक और गहरा अनुभव मिलता है, जो वर्चुअल या एडवेंचर ट्रैवल से बिल्कुल अलग होता है.

हिमाचल में स्लो टूरिज्म से पर्यटन बढ़ाने पर जोर

'दैट्स यू' अभियान की सबसे खास बात यह है कि 'स्लो टूरिज्म' को बढ़ावा देना है. सीएम सुक्खू ने बताया कि, अब सरकार कम लोकप्रिय गांवों में पर्यटकों के लंबे प्रवास और स्थानीय संस्कृति में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी. इससे न केवल शिमला और मनाली जैसे भीड़भाड़ वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थालों पर दबाव कम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की सुंदरता से भी देश-दुनिया से आ रहे सैलानी रूबरू होंगे. बड़ी बात यह है कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे.

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