डॉक्टरों की हड़ताल पर ये क्या बोल गए हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी, BJP पर भी लगाया गंभीर आरोप
हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, भाजपा लोगों को बांट कर राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रही.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 28, 2025 at 2:14 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट के बाद सरकार ने डॉ. राघव नरूला को टर्मिनेट कर दिया, जिसके बाद डॉक्टर अनिश्चितकीलन हड़ताल पर चले गए हैं. डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं. इस पूरे मामले में प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है. वहीं, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने डॉक्टरों की हड़ताल को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ने भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा है. जगत सिंह नेगी ने क्या कुछ कहा है आइए विस्तार से जानते हैं.
डॉक्टरों की हड़ताल को मंत्री ने बताया गलत
हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत नेगी ने कहा कि, "डॉक्टरों का भी रवैया ठीक नहीं है, जब मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था और दोबारा जांच करने के लिए पावर कमेटी का गठन किया है. ऐसे में उसकी रिपोर्ट का डॉक्टर को इंतजार करना चाहिए था, लेकिन डॉक्टर उस रिपोर्ट का इंतजार किए बिना हड़ताल पर चले गए. इस तरह से हड़ताल पर जाकर पूरे सिस्टम को ठप करना गलत है. इससे पूर्व भी जब डॉक्टर हड़ताल पर गए थे तो हाईकोर्ट ने इसमें कड़ा संज्ञान लिया था. हड़ताल खत्म कर डॉक्टरों को अस्पताल में मरीजों की जांच करनी चाहिए."
राजनीतिक रोटियां सेक रही भाजपा: जगत सिंह नेगी
इसके साथ ही जगत सिंह नेगी ने कहा कि, "भाजपा के चाल चरित्र में काफी फर्क है. उनके एक नेता एक पक्ष और दूसरा नेता दूसरे पक्ष के साथ खड़े हैं. भाजपा के नेता लोगों को बांट कर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं. भाजपा के नेताओं को मरीज और डॉक्टरों की कोई चिंता नहीं है, बस इन्हें अपनी राजनीति करनी है."
IGMC में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट
बता दें कि, सोमवार 22 दिसंबर को कुपवी (चौपाल) के रहने वाले अर्जुन पंवार एंडोस्कोपी के लिए IGMC पहुंचे थे. प्रक्रिया के बाद उन्हें दूसरे वार्ड में आराम करने को कहा गया, लेकिन वह चेस्ट ओपीडी में एक खाली बेड पर लेट गए. इसी बात को लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉ. राघव नरूला और मरीज के बीच विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हाथापाई में बदल गया.
आईजीएमसी अस्पताल में डॉक्टर और पेशेंट के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिस पर सरकार ने संज्ञान लेते हुए डॉक्टर को टर्मिनेट कर दिया था. इसको लेकर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग की थी. वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें दोबारा जांच का आश्वासन दिया था. लेकिन, अस्पताल के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. केवल इमरजेंसी सेवाएं ही दे रहे हैं. ऐसे में मरीज काफी परेशान हो रहे हैं.
ये भी पढ़ें: IGMC में डॉक्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े, मरीज परेशान

