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21 अगस्त से हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, खाली पदों, आपदा, सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य पर सदन में गूंजेंगे 1036 सवाल

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से सदन के संचालन में रचनात्मक सहयोग देने का आग्रह किया.

हिमाचल विधानसभा सत्र के दौरान सीएम सुक्खू
हिमाचल विधानसभा सत्र के दौरान सीएम सुक्खू (Himachal Assembly FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 19, 2026 at 2:58 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार बरसात से उपजी तबाही, केंद्र से मिलने वाली आपदा सहायता और प्रदेश में सड़कों से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, विभिन्न विभागों में खाली पदों, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर पूछे गए सवालों से गूंजेगा. 21 अगस्त से शुरू होने जा रहे चौदहवीं विधानसभा के 12वें सत्र में सरकार से जवाब मांगने के लिए विधायकों ने सवालों की झड़ी लगा दी है.

सत्र के लिए कुल 1036 प्रश्नों की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को मिली हैं. इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं. यानी मानसून सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर विधायकों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा. हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्र की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि चौदहवीं विधानसभा का 12वां सत्र 21 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 11 बजे शुरू होगा. मानसून सत्र में कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी.

उन्होंने बताया कि इस वर्ष बजट सत्र में अब तक 16 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. पहले दिन दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व विधायक स्वर्गीय विजेन्द्र सिंह और राम चन्द भाटिया के निधन पर शोकोद्गार व्यक्त किए जाएंगे. वहीं, 27 अगस्त को गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस निर्धारित किया गया है.

सदन में गूंजेंगे 1036 सवाल

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया, "मानसून सत्र के लिए विधायकों से जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्नों से संबंधित कुल 1036 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं. इनमें 787 प्रश्न तारांकित और 249 अतारांकित हैं. सभी सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुई हैं, जो नियमानुसार आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दी गई हैं. प्रश्नों से संबंधित सूचनाएं भेजने का समय 18 अगस्त शाम 5 बजे समाप्त हो चुका है. विधानसभा के समय का अधिक से अधिक सदुपयोग जनहित से जुड़े मुद्दों और सार्थक चर्चा के लिए किया जाना चाहिए".

उन्होंने कहा कि नियम 62 के तहत 13, नियम 63 के तहत 2, नियम 101 के तहत 5 और नियम 130 के तहत 15 सूचनाएं भी सदस्यों से प्राप्त हुई हैं, इन्हें भी सरकार को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है.

आपदा से लेकर खाली पदों तक प्रश्न

मानसून सत्र में सबसे बड़ा फोकस प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से पैदा हुई स्थिति पर रहने की संभावना है. विधायकों ने आपदा से निपटने के लिए केंद्र से सहायता राशि, प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सरकार के प्रयास, बाढ़ और भारी बारिश से हुए नुकसान जैसे मुद्दों पर सवाल पूछे हैं.

इसके साथ ही सड़कों और पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, स्कूलों के विलय, महाविद्यालयों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन तथा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने से जुड़े मुद्दे भी विधायकों ने प्रश्न के माध्यम से उठाएं हैं.

वहीं, सत्र में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे. विधायकों ने पर्यटन, उद्यान, पेयजल आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे की रोकथाम, बढ़ते अपराध और परिवहन व्यवस्था से जुड़े सवाल भी लगाए हैं. इसके अलावा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी सदन में उठाया जाएगा.

कल होगी सर्वदलीय बैठक

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सदन का संचालन सुचारू रूप से हो, इसके लिए 20 अगस्त को शाम 4:30 बजे दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है. बैठक में संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुखराम चौधरी शामिल होंगे.

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