क्या गग्गल एयरपोर्ट के पास गरीब लोगों से सस्ते में खरीदकर महंगे दामों पर बेची गई जमीन? सरकार का बड़ा एक्शन
सीएम सुक्खू ने गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए प्रस्तावित भूमि सौदों की SIT जांच पर स्थिति स्पष्ट की.उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 5:19 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए प्रस्तावित जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर विधानसभा में उठे गंभीर सवालों के बाद अब सरकार ने जांच को निर्णायक दिशा देने का दावा किया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार की नीति भाषणों से नहीं, फैसलों और कार्रवाई से परखी जाएगी. जांच के घेरे में आने वाले व्यक्ति की राजनीतिक हैसियत, पद या प्रभाव नहीं देखा जाएगा. तथ्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर कार्रवाई होगी.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि गरीब और आम लोगों की जमीन के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकारी धन और हिमाचल के हितों की भी पूरी रक्षा की जाएगी. दरअसल, गगल एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि के आसपास और गग्गल, रैत क्षेत्र में जमीन की खरीद को लेकर विधानसभा में गंभीर आरोप सामने आए थे. आरोप था कि कुछ लोगों ने गरीब और सामान्य लोगों से अपेक्षाकृत कम कीमत पर जमीन खरीदकर बाद में सरकारी अधिग्रहण के माध्यम से अधिक मुआवजा हासिल करने का प्रयास किया. इसके साथ ही इन जमीन सौदों में हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के पालन को लेकर भी सवाल उठे थे.
कानून करेगा अपना काम
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि पिछले सत्र में गगल एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण/खरीद और प्रभावित लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे का मुद्दा उठाया गया था. चर्चा के दौरान यह आरोप सामने आया कि प्रस्तावित एयरपोर्ट भूमि के आसपास कुछ लोगों ने गरीब एवं सामान्य लोगों से जमीन अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदी और बाद में अधिग्रहण के जरिए अधिक मुआवजा हासिल करने का प्रयास किया गया. इसके साथ ही यह भी सवाल उठा कि इन भूमि सौदों में धारा 118 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों का विधिवत पालन हुआ या नहीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने उसी समय सदन में स्पष्ट कर दिया था कि यदि नियमों को दरकिनार कर जमीन खरीदी गई है, किसी सौदे के पीछे बेनामी स्वामित्व छिपा है या गरीब व्यक्ति से सस्ती जमीन लेकर सरकारी अधिग्रहण के माध्यम से अनुचित लाभ कमाने का प्रयास हुआ है, तो कानून अपना काम करेगा. मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित करने की बात कही थी.
इसके बाद 18 फरवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक के आदेश के तहत धर्मशाला की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. अब तक SIT की ओर से नौ अलग-अलग स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी हैं. इन रिपोर्टों में गगल एयरपोर्ट के आसपास हुए भूमि सौदों, संदिग्ध बेनामी स्वामित्व और संबंधित बैंक लेन-देन की जांच की गई है. जांच के दौरान SIT ने चार मामलों में SV&ACB में आपराधिक मामले दर्ज किए हैं. इतना ही नहीं, SIT की रिपोर्ट में सामने आए भूमि खरीद के मामलों को धारा 118 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को भी भेजा गया है.
सदन में सरकार ने विपक्ष को भी दिया जवाब
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार की नीयत केवल आरोपों की राजनीति करना नहीं, उठाए गए सवालों की तह तक जाकर कार्रवाई करना है. उन्होंने कहा कि सवाल सदन में उठाया गया तो उसे दबाया नहीं गया, आरोप लगे तो फाइल बंद नहीं की गई और जांच की मांग हुई तो समय काटने के बजाय SIT गठित की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि यही उनकी सरकार और केवल आरोपों की राजनीति करने वालों के बीच अंतर है. उनके मुताबिक विपक्ष सवाल उठाकर राजनीति करता है, जबकि सरकार सवाल की तह तक जाकर कार्रवाई करती है.
न प्रभाव देखा जाएगा, न राजनीतिक पहचान
मुख्यमंत्री ने सदन के माध्यम से स्पष्ट किया कि जांच में किसी व्यक्ति का प्रभाव, राजनीतिक पहचान, पद या पहुंच आड़े नहीं आएगी. कार्रवाई केवल तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर होगी. सरकार का उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जवाबदेही तय करना है. सरकार न तो गरीब की मजबूरी का सौदा होने देगी, न सरकारी मुआवजे की बंदरबांट होने देगी और न ही प्रभावशाली लोगों को कानून से ऊपर समझने की इजाजत दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों की जमीन की रक्षा करेगी, सरकारी धन की भी रक्षा करेगी और हिमाचल के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

