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CM की घोषणा के बावजूद नहीं मिली मदद, आपदा में बेघर हुए प्रभावितों का कैसे बनेगा आशियाना?

आखिर कैसे बनेंगे आपदा प्रभावित तीर्थन घाटी के बंदल गांव के परिवारों के नए आशियाने? सरकार से अब तक नहीं मिली मदद.

आपदा में बेघर हुए प्रभावितों का कैसे बनेगा अशियाना?
आपदा में बेघर हुए प्रभावितों का कैसे बनेगा अशियाना? (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 4:51 PM IST

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Updated : February 19, 2026 at 5:16 PM IST

5 Min Read
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कुल्लू: साल 2025 में आई आपदा में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार में सैकड़ों लोग बेघर हो गए. वहीं, अब यहां के प्रभावित परिवार आज भी नया आशियाना बनाने के लिए सरकार की राह ताक रहे हैं. हालांकि, बीते साल नवंबर माह में मंडी में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी और कुल्लू के बाढ़ प्रभावितों के लिए 81 करोड रुपए से अधिक की राशि देने की बात कही थी. लेकिन बंजार घाटी के बंदल गांव के 27 परिवारों को अभी तक उस राशि से एक रुपए भी नहीं मिल पाया है.

गौरतलब है कि साल 2025 में आई आपदा में पूरा बंदल गांव खिसक गया और 27 परिवार बेघर हो गए. बेघर परिवारों ने आस पास के स्थानीय गेस्ट हाउस, होटल में अपना सामान रखा और आस पास के गांव में लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं. ऐसे में अब पर्यटन सीजन शुरू होने पर उन्हें गेस्ट हाउस और होटल में रखा अपना सामान भी निकालना पड़ेगा. लेकिन अपना आशियाना ना होने के चलते वह कहां पर इसे रखेंगे यह आज भी चिंता का विषय बने हुआ है?

मंडी में सीएम ने की थी प्रभावितों को राशि देने की घोषणा

मंडी जिला के मुख्यालय स्थित पड्डल मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के खाते में पैसे डालने की घोषणा की थी. उन्होंने कुल्लू, मंडी और बिलासपुर जिले के 4914 प्रभावितों के लिए 81.28 करोड़ रुपएकी राशि जारी की थी, लेकिन जिला कुल्लू के बंदल और शरची गांव के 27 प्रभावितों के खातों में आज तक एक रुपये की राशि नहीं पड़ी है.

प्रभावित परिवार आज भी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं. प्रभावितों का कहना है, 'वे घर बनाने का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं. क्योंकि सरकार द्वारा जो धन राशि उन्हें देने की बात कही गई थी, वो आज भी उनके खातों में नहीं आ पाई है'.

2025 की आपदा के बाद घरों से दूर रह रहे ग्रामीण

आपदा से प्रभावित स्थानीय ग्रामीण दिनेश्वर प्रसाद ने कहा, 'आपदा के कारण उनके घर तबाह हुए हैं और बाकी बची हुई जमीन भी धंस गई है. ऐसे में उन्होंने अपना सामान लोगों के होटल और गेस्ट हाउस में रखा है, लेकिन अब मार्च माह से घाटी में पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा. इसी कारण होटल, रेस्टहाउस में जो लोगों का सामान रखा गया है, वो सामान उन्हें निकालना होगा. लेकिन वो इसे कहां रखें? उसका कोई समाधान समझ नहीं आ रहा है. क्योंकि वह खुद लोगों के घरों में रह रहे हैं और अपना मकान उनका अपना में नष्ट हो गया है'.

प्रभावित ग्रामीण उदय शर्मा का कहना है, 'अगर प्रशासन के द्वारा साल 2023 में ही ग्रामीणों के लिए कहीं और भूमि की व्यवस्था की होती और मकान बनाने के लिए धनराशि दी होती तो आज उन्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता'.

उदय शर्मा ने बताया कि जब प्रशासन को इस बात की जानकारी थी कि यहां पर बड़ी दरारे कभी भी खतरे का कारण बन सकती है तो उन्हें पहले ही पूरे गांव को किसी और जगह पर विस्थापित किया जाना चाहिए था. लेकिन प्रशासन द्वारा इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया और आज पूरा का पूरा गांव बेघर हो गया है. अब मुख्यमंत्री द्वारा जो धनराशि भवन निर्माण के लिए प्रभावित परिवारों को देने की बात कही गई है, वह भी अभी तक नहीं मिल पाई है. इस ओर प्रशासन और सरकार को जल्द ध्यान देना चाहिए.

बंदल गांव के प्रभावित उदय शर्मा ने कहा, साल 2023 की आपदा के दौरान उनके बंदल गांव में बने घरों में दरारें आ गई थीं. सरकार ने उन्हें उस समय एक एक लाख रुपये की धन राशि दी थी. उसके बाद बाद 2025 में वह दरारें तबाही का कारण बन गईं. आज हमारा सबकुछ तबाह हो गया. तबाही के बाद क्षेत्र के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों की टीम भी आई थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट में क्या निकला इसे भी सार्वजनिक नहीं किया गया?

उन्होंने कहा कि आज पूरे गांव में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हुई है और वह गांव रहने के लिए बिल्कुल भी नहीं बचा है. बंदल गांव पूरा खिसक गया है. इसके लिए सड़क में निकासी नाली का उचित प्रबंध न होना है. सड़क में जमा होने वाला पानी जमीन में रिस गया. इस कारण क्षेत्र खिसकने लगा और लोगों के जमीन और घर तबाह हो गए. इस त्रासदी के बाद भी आज भी लोक निर्माण विभाग सड़क की निकास नाली का प्रबंध करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है.

27 परिवार आज भी दूसरों के घरों में रहने को मजबूर

एसडीएम बंजार पंकज शर्मा का कहना है, 'बंदल और शरची के करीब 27 प्रभावित लोगों के केस स्वीकृत कर कोष कार्यालय को भेजे गए हैं. जहां से उनके खातों में पैसा जारी किया जाएगा. प्रशासन की ओर से इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है. उम्मीद है जल्द ही उनके खातों में यह राशि पड़ जाएगी'.

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Last Updated : February 19, 2026 at 5:16 PM IST