ETV Bharat / state

HP Board Exam 2026: लास्ट दिनों में कैसे करें ENGLISH की परीक्षा की तैयारी, ऐसे करें अच्छा स्कोर

जल्द ही बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं. अंग्रेजी विषय की तैयारी कैसे करनी चाहिए इसे लेकर हमने एक्सपर्ट से बातचीत की है.

इंग्लिश  की तैयारी
इंग्लिश की तैयारी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 10:13 AM IST

7 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं. 3 मार्च को 10वीं कक्षा का पहला और 5 मार्च को 12वीं कक्षा का दूसरा पेपर अंग्रेजी विषय का है. ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के मन में अंग्रेजी को लेकर अक्सर एक डर बना रहता है. ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों को सबसे अधिक अंग्रेजी विषय के पेपर की चिंता होती है. अंग्रेजी का दिनचर्या में कम प्रयोग होने के कारण ग्रामीण परिवेश के अलावा दूसरे छात्रों की भी अंग्रेजी में पकड़ कमजोर होती है. ऐसे में अंग्रेजी विषय की परीक्षा की लगभग हर छात्र को चिंता होती है.

छात्र अक्सर चिंता करते हैं कि कैसे अंग्रेजी में अच्छे अंक लाए जाएं. छात्रों को अंग्रेजी विषय में सबसे अधिक परेशानी ग्रामर और लंबे उत्तर लिखने में होती है. इसी डर को दूर करने और छात्रों को सही मार्गदर्शन देने के लिए ईटीवी भारत ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, कांगल (शिमला) के अनुभवी अंग्रेजी शिक्षक जगदीश बाली से विशेष बातचीत की है. जगदीश बाली को बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने (Paper Checking) का लंबा अनुभव है. उन्होंने बताया कि छात्र अक्सर मेहनत तो करते हैं, लेकिन रणनीति और प्रेजेंटेशन की कमी के कारण उनके अंक कट जाते हैं.

जरूरी टिप्स
जरूरी टिप्स (ETV Bharat)

सैंपल पेपर करें हल

जगदीश बाली जी का कहना है कि 'ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों और माहौल की कमी के कारण बच्चे अंग्रेजी में खुद को कमजोर महसूस करते हैं. अब समय पूरी किताब को पन्ने दर पन्ने पढ़ने का नहीं, बल्कि स्मार्ट स्टडी का है. छात्र पिछले 5 से 6 वर्षों के बोर्ड प्रश्न पत्रों (Sample Papers) को जरूर हल करें. बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर प्रश्न दोहराए जाते हैं, यदि आप पिछले 5 सालों के पेपर्स देख लेते हैं, तो आप परीक्षा के पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स को समझ जाएंगे, अगर आपने पिछले 5 साल के पेपर्स हल कर लिए, तो आप 70% तैयारी पहले ही कर चुके हैं.एक निश्चित टाइम-टेबल बनाएं. ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे जो अंग्रेजी में खुद को कमजोर समझते हैं, वे लिखकर अभ्यास (Written Practice) ज्यादा करें.'

कॉमन मिस्टेक की लिस्ट बनाएं

एक गलती बार-बार न दोहराएं और अपनी कॉमन मिस्टेक्स की लिस्ट बनाएं. हर दिन 1 पैसेज हल करें. रोजाना प्रैक्टिस करें. अक्सर छात्र पूरी गाइड रटने की कोशिश करते हैं. जगदीश बाली कहते हैं, 'अंग्रेजी रटने का विषय नहीं है. ये एक भाषा है. पहले चैप्टर की कहानी को अपनी मातृभाषा (हिंदी/पहाड़ी) में समझें, अगर आपको कहानी पता है और आप इसे समझते हैं, तो आप उसे आसानी से ग्रामर की मदद से लिख पाएंगे.हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं या कठिन प्रश्नों का रट्टा काम आ सकता है, लेकिन 90% तैयारी 'समझ' पर आधारित होनी चाहिए.'

जगदीश बाली
जगदीश बाली (ETV Bharat)

लिटरेचर (Literature): लंबे उत्तरों में पूरे अंक कैसे पाएं?

जगदीश बाली ने बताया कि साहित्य वाले भाग में नंबर कटने की संभावना सबसे ज्यादा होती है. उन चैप्टर्स को चुनें जिनका वेटेज (Weightage) ज्यादा है. लेखक का नाम: उत्तर की शुरुआत में पाठ (Chapter) और लेखक (Author/Poet) का नाम जरूर लिखें. इससे परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. लिटरेचर के सेक्शन को पर्याप्त समय दें क्योंकि यह आपके स्कोर को बढ़ाता है. इसके अलावा एमसीक्यू, वन लाइनर, खाली स्थान को ध्यान से अटेंपट करें. इसमें एक भी गलती पूरे नंबर काट सकती है.

लिटरेचर पर दें ध्यान
लिटरेचर पर दें ध्यान (ETV Bharat)

राइटिंग सेक्शन

जगदीश बाली ने बताया कि 'राइटिंग सेक्शन (Letter, Notice, Report, Essay) में पूरे अंक पाना आसान है, अगर आप इन बातों का ध्यान रखें. लेटर या नोटिस का फॉर्मेट (Format) बिल्कुल सही होना चाहिए, अगर आपका कंटेंट थोड़ा कमजोर भी है, लेकिन फॉर्मेट सही है, तो आपको अच्छे अंक मिल सकते हैं. Formal Letter में Subject जरूर लिखें कि आप ये पत्र क्यों लिख रहे हैं. Polite tone होना चाहिए जैसे "I am writing this letter to inform you that…" की जगह "I would like to draw your attention towards…" "It is a matter of concern that…" लिखें. अंत में "Yours sincerely" जरूर लिखें. Notice लिखते समय पहले Date लिखें और नोटिस से संबंधित छोटा सा हैडिंग लिखें जैसे मैथ की किताब खोने पर नोटिस लिखने को कहा गया है तो डेट लिखने के बाद हैडिंग लिखें 'Loss of Mathematics Book' इसके बाद पैरा लिखें और अंत में अपना नाम लिखें. Heading (NOTICE) होना चाहिए. निबंध लेखन में भूमिका और मेन बॉडी को पैराग्राफ में बांटे अंत में निष्कर्ष जरूर लिखें. निबंध के साथ-साथ लंबे उत्तर को एक ही पैरा में न लिखें.'

ग्रामर में ये सावधानी बरतें
ग्रामर में ये सावधानी बरतें (ETV Bharat)

पैसेज रीडिंग सेक्शन

एक अन्य एक्सपर्ट ने बताया कि सीधा पूरा पैसेज पढ़ने की बजाय, पहले Questions देख लें और फिर पैसेज पढ़ते समय जरूरी जानकारी पर ध्यान दें. इससे आपको पैसेज पढ़ते समय ही उत्तर मिलने शुरू हो जाएंगे. पैसेज की थीम (Theme) को समझें कि वो किस बारे में है. पैसेज पढ़ते समय जरूरी जानकारी पर ध्यान दें. अगर पैसेद में अपने शब्दों में उत्तर लिखने को कहा गया है तो पैसेज से लाइन कॉपी न करें. उत्तर सिर्फ पैसेज से ही होना चाहिए, इसमें अपना ज्ञान या विचार न जोड़ें.

ग्रामर (Grammar): इन विषयों पर दें विशेष ध्यान

व्याकरण में नंबर बचाना सबसे आसान हैं, क्योंकि यहां या तो नंबर पूरे मिलते हैं या जीरो. जगदीश बाली के अनुसार 'छात्रों को इन पर ध्यान देना चाहिए. Tenses और Verbs पूरी अंग्रेजी ग्रामर की नींव हैं. इनकी प्रैक्टिस रोज करें. ग्रामर में एक शब्द की गलती से पूरा नंबर कट जाता है. Articles, Prepositions, Active/Passive, Direct–Indirect Speech, Modals का अच्छे से अभ्यास करें.'

सुंदर लिखावट और वर्ड लिमिट

बाली बताते हैं कि साफ-सुथरी लिखावट का परीक्षक के दिमाग पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है, अगर एक छात्र की लिखावट बहुत अच्छी है, तो परीक्षक उसे 3 की जगह 4 अंक देने की ओर झुकता है. छात्र अक्सर सोचते हैं कि ज्यादा लिखने से ज्यादा नंबर मिलेंगे. यह एक गलतफहमी है. अगर 20 शब्द मांगे गए हैं, तो 10 लाइन का जवाब न लिखें. ज्यादा लिखने से ग्रामर की गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है. उत्तर लिखते समय बहुत कठिन शब्दों (Vocabulary) के पीछे न भागें. सरल शब्दों का प्रयोग करें ताकि स्पेलिंग की गलती (Spelling Mistakes) न हो.

बोर्ड परीक्षक (Examiner) को कैसे प्रभावित करें?

एक पेपर चेकर के तौर पर जगदीश बाली ने कुछ ऐसी गलतियां बताईं जिनसे बचना चाहिए, जैसे प्रश्न संख्या वही लिखें जो पेपर में दी गई है. एक प्रश्न के सभी सब-पार्ट्स (Sub-parts) एक साथ हल करें, अगर छात्र एक भाग पेज 1 पर और दूसरा पेज 10 पर करता है, तो परीक्षक को कॉपी जांचने में परेशानी होती है. हर उत्तर के बाद 2-3 लाइन का गैप छोड़ें. हाशिए (Margin) का ध्यान रखें.

परीक्षा के दौरान मानसिक स्थिति और पेरेंट्स की भूमिका

जगदीश बाली ने कहा 'परीक्षा के दौरान घर का माहौल शांत और सहयोगात्मक (Cooperative) होना चाहिए. माता-पिता बच्चों पर अंकों का दबाव न डालें. छात्र भी परीक्षा हॉल में शांत मन से जाएं, खासकर बच्चे अंकों के पीछे न भागे, बल्कि आराम से शांत मन से अपने पेपर देx. पेपर को शुरू करने से पहले 5 मिनट उसे ध्यान से पढ़ें.'

ये भी पढ़ें: Board Exams: एग्जाम में आंसर शीट में न करें ये गलतियां, ये मिस्टेक करने से बचें