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इस विधि से प्याज की खेती कर बन सकते हैं मालामाल, वैज्ञानिक से समझें खेती का A-Z प्रोसेस

Onion Farming Tips: बेहतर पैदावार और सही समय पर फसल तैयार होने पर ही अच्छी कीमत मिलती है. इसके लिए वैज्ञानिक विधि से खेती जरूरी है.

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Scientific onion cultivation (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 19, 2025 at 2:10 PM IST

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कुरुक्षेत्रः हरियाणा में बड़े स्तर पर प्याज की खेती की जाती है. सर्दियों का समय प्याज की रोपाई के लिए काफी अच्छा माना जाता है. लेकिन किसानों के सामने एक बड़ी समस्या रहती है कि वह प्याज की रोपाई करते समय कई गलतियां कर देते हैं, जिससे उनकी पैदावार प्रभावित होती है. प्याज की फसल पर काफी खर्च आता है. उत्पादन अच्छा मिले तो उससे किसान लखपति बन सकते हैं लेकिन वैज्ञानिक विधि से रोपाई नहीं करने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ जाता है. ऐसे में हम आज आपको बताते हैं कि वैज्ञानिक विधि से कैसे प्याज की रोपाई करें. कौन-कौन सी ऐसी किस्म है जिसमें बंपर पैदावार होता है, जिससे किसान प्याज का अच्छा उत्पादन ले सकते हैं.

Scientific onion cultivation
प्याज की नर्सरी (Etv Bharat)

15 दिसंबर से 15 जनवरी तक रोपाई का सही समय: वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि प्याज की रोपाई सर्दियों में की जाती है लेकिन सबसे सही समय 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी तक होता है. अगर इस समय प्याज की रोपाई करें तो प्याज की ग्रोथ अच्छी होती है और पैदावार भी अच्छी निकलती है. उन्होंने बताया कि कुछ किसान भाइयों ने धान कटाई के कुछ समय बाद ही प्याज की रोपाई कर दी है लेकिन वह कच्चा प्याज लेने के लिए खेती कर रहे हैं. अगर पका हुआ प्याज लेना हो तो उसके लिए 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी या उसके बाद भी ज्यादा ठंड रहे तो पूरी जनवरी इसकी रोपाई कर सकते हैं. इसमें किसान अधिक उत्पादन ले सकते हैं.

प्याज की वैज्ञानिक खेती के तरीके (Etv Bharat)

कैसे करें प्याज की रोपाई: डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि प्याज की रोपाई करने की सबसे जरूरी बात यह है की नर्सरी को लगाने के 40 दिन तक उसके रोपाई खेत में हो जानी चाहिए वरना उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है. 30 से 35 दिन नर्सरी के रोपाई के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं. नर्सरी से उखाड़ने के बाद किसान अपने खेत में इसकी रोपाई करें. जब हम पौधे खेत में लगाते हैं तो पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखें जबकि लाइन से लाइन की दूरी 20 सेंटीमीटर रखें. खेत में प्याज की रोपाई करने के बाद एक से दो दिन बाद खेत की सिंचाई करें. अगर तुरंत सिंचाई करते हैं तो पानी के तेज बहाव में पौधे गिर जाते हैं जिसे उनका जमाव नहीं हो पता.

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खेतों में प्याज की रोपाई करती महिलाएं (Etv Bharat)
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नर्सरी में तैयार प्याज के पौधे (Etv Bharat)

कितनी डालें खाद की मात्राः डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि जैसे खेत की तैयारी रोपाई के लिए करते हैं उस समय खेत में खाद डालना सबसे अच्छा होता है. रोपाई के समय खेत में प्रति एकड़ 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम फास्फोरस और 25 किलोग्राम पोटाश डालें. रोपाई के बाद प्याज की खेती में खरपतवार की काफी बड़ी समस्या रहती है. 20 से 25 दिन के बाद खरपतवार खेत में उग जाते हैं. खरपतवार के लिए Strom 30 नामक दवाई का प्रति एकड़ 1 लीटर 150 से 200 लीटर पानी में मिलाकर खेत में स्प्रे करें. इससे खरपतवार की समस्या से छुटकारा मिलेगा.

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वैज्ञानिक तरीके से प्याज की रोपाई (Etv Bharat)
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नर्सरी में तैयार प्याज के पौधे (Etv Bharat)

हरियाणा में लगने वाली प्याज की उन्नत किस्मः उन्होंने बताया कि प्रत्येक राज्य का अपना अलग-अलग वेदर और मिट्टी की संरचना होती है. ऐसे में भूलकर भी ऐसी कोई वैरायटी ना लगाएं जो किसी दूसरे राज्यों में अच्छा उत्पादन देती हो लेकिन यहां वह लगाने योग्य न हो. हरियाणा में पटना रेड, पूसा रेड, पूसा रत्न, सैलारु, हिसार वन आदि वैरायटी लगाई जाती है. यह अच्छा उत्पादन देती है लेकिन किसान भाई एक चीज का ज्यादा ध्यान रखें कि जिसका रेट मार्केट में ज्यादा होता है. उससे किसानों को ज्यादा फायदा होगा. इस प्रकार से प्याज की वैज्ञानिक तरीके से रोपाई करके किसान बंपर पैदावार ले सकते हैं और मालामाल बन सकते हैं.

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खेतों में प्याज की बिजाई (Etv Bharat)
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प्याज लगाती महिलाएं (Etv Bharat)

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