ई-टैक्सी स्टार्टअप योजना के लिए कैसे करें अप्लाई? हर महीने होगी बंपर कमाई, जानें स्कीम से जुड़ी नियम व शर्तें
हिमाचल के युवाओं को राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना से नई दिशा मिल रही है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : October 27, 2025 at 5:19 PM IST
शिमला: बढ़ती बेरोजगारी और सालों साल तक लटकती सरकारी भर्तियों की वजह से अब हिमाचल प्रदेश के युवा स्वरोजगार की तरफ मुड़ रहे हैं. ऐसे में हिमाचल सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार स्टार्टअप योजना युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई राह बन रही है. प्रदेश में सुखविंदर सरकार द्वारा भी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना चलाई जा रही है. जिसके जरिए प्रदेश के युवा आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में अपना कदम बढ़ा रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस योजना का आप कैसे लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए क्या पात्रता होनी चाहिए और इससे कितनी कमाई कर सकते हैं.
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत आप ई-टैक्सी सेवाएं शुरु कर सकते हैं. ई-टैक्सी न सिर्फ प्रदेश के युवाओं को स्थायी आजीविका पाने का अवसर दे रही है. बल्कि हिमाचल प्रदेश में प्रदूषण रहित परिवहन और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रही है. राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत ई-टैक्सी युवाओं के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है. इस योजना के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर 50 फीसदी सब्सिडी और 40 प्रतिशत बैंक लोन की सुविधा दी जाती है. जबकि मात्र 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी को खुद वहन करना होता है.

कैसे होगी ई-टैक्सी खरीदने वाले युवाओं की कमाई?
सरकार द्वारा ई-टैक्सी परमिट पाने वाला युवाओं को निश्चित आमदनी की गारंटी भी प्रदान की जा रही है. क्योंकि सरकार इन ई-टैक्सी को सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों, स्वायत्त संस्थानों और सरकारी उपक्रमों से जोड़ा जा रहा है, जिससे लाभार्थियों को नियमित मासिक आय सुनिश्चित हो रही है. योजना के तहत व्हीकल को 5 साल की अवधि के लिए सरकारी कार्यालयों से अनुबंधित किया जाता है, जिसे आवश्यकता अनुसार 2 साल तक एक्सटेंड किया जा सकता है.
स्वरोजगार योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी?
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है. इस स्कीम के तहत लाभार्थियों को 50 प्रतिशत सब्सिडी और 40 प्रतिशत बैंक ऋण प्रदान की जाती है. वहीं, मात्र 10 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं देना होता है. इसके अंतर्गत सरकार ने व्यवस्था की है कि इन ई-टैक्सियों को चार से पांच वर्षों के लिए सरकारी विभागों से जोड़ा जाए, जिससे युवाओं को तकरीबन 50,000 रुपए प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित हो सके. इस योजना का नोडल विभाग श्रम एवं रोजगार विभाग, हिमाचल प्रदेश है.

योजना के लिए कहां करें आवेदन?
ई-टैक्सी योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए श्रम, रोजगार एवं विदेश नियोजन विभाग द्वारा एक वेब पोर्टल http://rgssy.com विकसित किया गया है. इसे अगस्त 2024 में लॉन्च किया गया. इच्छुक उम्मीदवार योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के साथ निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, शिक्षा प्रमाण पत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग अनुभव का प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है.

उम्मीदवारों के पास होनी चाहिए ये योग्यता और पात्रता
योजना का लाभ हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी ही ले सकता है. जिसकी न्यूनतम आयु 23 वर्ष हो और जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो. योग्यता के अनुसार 10वीं पास उम्मीदवार के पास 10 वर्ष का ड्राइविंग अनुभव और 12वीं पास उम्मीदवार के पास 7 वर्ष का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए. इस योजना का लाभ एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति मिलेगा. वहीं, लाभार्थी को खुद ई-टैक्सी चलानी अनिवार्य होगा.

मनीष कुमार को हर माह मिल रहे 75 हजार
शिमला जिले के नारकंडा निवासी मनीष ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत ई-टैक्सी खरीदा. योजना लाभार्थी मनीष कुमार ने कहा, "मुझे जब इस योजना का पता लगा तो इसके लिए मैंने ऑनलाइन आवेदन किया. साल 2024 में मैंने 26 लाख की ई-टैक्सी खरीदी थी, जिसमें स्टेट गवर्नमेंट ने करीब ₹12 लाख की सब्सिडी प्रदान की. इसके लिए मैं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को धन्यवाद देता हूं. प्रदेश सरकार ने हमें गाड़ी के साथ-साथ स्वरोजगार भी प्रदान किया. मेरी गाड़ी हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सामान्य प्रशासन विभाग में लगी है, जहां मुझे हर महीने 75 हजार रुपए दिए जाते है".

इस साल 40 पात्र को ई-टैक्सी खरीद पर मिली सब्सिडी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹66.41 करोड़ का बजट प्रावधान किया है. इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अभी तक विभाग द्वारा 40 पात्र उम्मीदवारों को ई-टैक्सी खरीद के लिए ₹2.72 करोड़ सब्सिडी प्रदान की गई है, जिनमें से 20 ई-टैक्सियों को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 5 जुलाई 2025 को सचिवालय में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इन 20 पात्र लोगों में जिला बिलासपुर से 7, चंबा से 1, हमीरपुर से 5, कांगड़ा से 3, ऊना से 4 को कुल 1.30 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है. यह उम्मीदवार राज्य भर में विभिन्न सरकारी विभागों/संगठनों को निश्चित मासिक भुगतान पर अधिकतम 5 वर्षों की अवधि के लिए ई-टैक्सी सेवाएं प्रदान कर रहे है, जिसे आगे 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है.
79 पात्र उम्मीदवारों को मिला योजना का लाभ
वहीं, 15 अक्टूबर 2025 को भी मुख्यमंत्री सुखविंदर ने ओक ओवर से 18 ई-टैक्सियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इन 18 पात्र उम्मीदवारों में चंबा से 2, हमीरपुर से 1, शिमला से 4, कांगड़ा से 3, कुल्लू से 2, किन्नौर से 3, सोलन से 2, सिरमौर से 1 लाभार्थी को 1.28 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की गई. यह उम्मीदवार श्रम, रोजगार और विदेशी प्लेसमेंट विभाग द्वारा उन्हें आवंटित संबंधित सरकारी विभागों/संगठनों को भी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे. आज तक 79 पात्र उम्मीदवारों को कुल ₹5.64 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है. शिमला जिला में ही 6 लाभार्थियों को ₹53.44 की सब्सिडी दी गई है.
ननखड़ी के अनिल स्वरोजगार से पाया सम्मान
शिमला जिले के ननखड़ी के निवासी अनिल कुमार ने कहा, "राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना से न केवल उनको स्वरोजगार का अवसर मिला है. बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का मौका भी मिला है. उनका वाहन रामपुर में जल शक्ति विभाग में लगा है. आज वह इस ई-टैक्सी से अच्छी कमाई कर रहे हैं, जिससे उनके घर का गुजरा अच्छे से चल रहा है".
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