साथ नाश्ता किया, लूडो खेला, फिर गमछे से घोंटा गला... जगन गुर्जर की हत्या को सुसाइड दिखाने के लिए चली ये शातिराना चालें
जगन गुर्जर की बैरक में विष्णु सिंह ने की हत्या. जानिए सुबह से हत्या होने तक क्या–क्या घटा दोनों के बीच में...

Published : July 1, 2026 at 6:49 PM IST
अजमेर: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या से हाई सिक्योरिटी जेल फिर चर्चा में है. इस साल 29 मार्च को चंबल के बीहड़ों में आतंक के पर्याय बने जगन गुर्जर को अजमेर के निकट हाइवे से सटे घूघरा गांव में स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था. जेल में बैरक 2 में जगन गुर्जर को भरतपुर के विष्णु सिंह के साथ रखा गया था. जिस दिन जगन की हत्या की गई, उस दिन सुबह से दोनों की दिनचर्या कैसी रही और विष्णु कैसे इस मामले को आत्महत्या का रूप देना चाहता था. पढ़िए इस रिपोर्ट में...
सिविल लाइन थाना प्रभारी और मामले में जांच कर रहे शंभू सिंह ने बताया कि शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे विष्णु सिंह के मन में जगन के प्रति रंजिश पलती रही. जेल में विष्णु सिंह तीन साल से भरतपुर में कुलदीप जघीना हत्याकांड के मामले में कैद था. जगन गुर्जर और विष्णु के बीच हल्की नोंक–झोंक होती रहती थी. विष्णु सिंह को जगन काफी हल्के में लेता था और उसे जब चाहे खरी–खोटी सुना दिया करता था. हालांकि विष्णु ने कभी भी जगन को पलट कर जवाब नहीं दिया. वह जानता था कि आमने-सामने की लड़ाई में वह जगन के सामने टिक नहीं पाएगा.
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सुबह साथ में किया नाश्ता, लूडो खेला: उन्होंने बताया कि 29 जून को बैरक नंबर 5 में कैद विष्णु और जगन गुर्जर ने सुबह साथ में नाश्ता किया था. इस दौरान भी जगन गुर्जर ने विष्णु सिंह को भद्दी बातें कही थी. जेल नियम के अनुसार 11 बजे दोनों को वापस अपने बैरक में जाना पड़ा. विष्णु ने जगन को भनक भी नहीं लगने दी कि उसके मन में खूनी साजिश चल रही है. बाकायदा विष्णु ने जगन के साथ लूडो खेला. बैरक में 11 से 3 बजे के बीच विष्णु ने जगन गुर्जर की गमछा से गला घोटकर हत्या कर दी. हार्डकोर अपराधी विष्णु ने जगन के मरने के बाद गमछे को पंखे से लटका दिया और हाथों से जगन गुर्जर का गला दबाया. विष्णु गुर्जर जानता था कि यदि जगन गुर्जर बच गया, तो वह उसे नहीं छोड़ेगा.
सीसीटीवी कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगाया: शंभू सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले विष्णु गुर्जर ने बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि जगन को मारने का डिजिटल सबूत ना मिल सके. दरअसल विष्णु ने क्राइम सीन इस तरह का बनाने की कोशिश की थी जिसमें ऐसा लगे कि जगन गुर्जर ने सुसाइड किया है. हालांकि विष्णु को भी बाद में लगा कि उसका झूठा चलने वाला नहीं है और जब जेल कार्मिक राउंड पर बैरक नंबर 2 के बाहर पहुंचे, तो भीतर जगन गुर्जर की लाश को उन्होंने फर्श पर पड़ा हुआ देखा था. बैरक में जब जेल कार्मिकों की निगाह विष्णु पर पड़ी, तो विष्णु ने जेल कार्मिकों को कहा कि मैंने मार दिया है.
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पीठ पर घुटने टिकाकर गमछे से घोंट दिया गला: पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल के सामने आया कि हाई सिक्योरिटी जेल के बैरक नंबर 5 में जगन गुर्जर और विष्णु लूडो गेम खेल रहे थे. इस दौरान विष्णु दवाई लेने का हवाला देते हुए उठा और जगन के पीछे की ओर गया. उस वक्त जगन गुर्जर का पूरा ध्यान लूडो गेम पर था. विष्णु ने फुर्ती से गमछा जगन के गले में डाला और अपने घुटने उसकी पीठ पर लगाकर कर जोर से झटका दिया. विष्णु ने दो-तीन बार जगन गुर्जर की गर्दन पर गमछे से झटके दिए और उसका गला घोंट दिया. चंद मिनटों में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की प्राण निकल गए.
'जगन को फंदे पर लटकाने की फिराक में था विष्णु': जगन गुर्जर को मौत के घाट उतारने के बाद विष्णु ने बेड शीट और गमछे को पंखे से बांध दिया. वह बेडशीट और गमछे का फंदा बना ही रहा था कि जेलकर्मी राउंड पर आ गए और मामला सामने आ गया. दरअसल विष्णु की मंशा थी कि जगन गुर्जर की बॉडी को फंदे पर लटकाना था. ताकि जेलकर्मियों और अन्य जांच एजेंसियों को यह हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या लगे.
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इनका कहना है: सिविल लाइन थाना प्रभारी और मामले में जांच कर रहे शंभू सिंह ने बताया कि मौके पर जब पहुंचे थे, तब बेडशीट और गमछा पंखे पर बंधा हुआ था. उन्होंने बताया कि प्रोडक्शन वारंट के लिए गुरुवार को कोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी. प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट का आदेश मिलने के बाद हाई सिक्योरिटी जेल से शुक्रवार को विष्णु को प्रोडक्शन वारंटी के तहत गिरफ्तार करके थाने में लाया जाएगा. तब विष्णु से पूछताछ होगी और मामला सामने आएगा. जगन गुर्जर की हत्या के मामले में न्यायिक जांच के अलावा पुलिस और राजस्थान कारागार विभाग भी जांच कर रहे है. न्यायिक जांच जगन गुर्जर की हत्या और जेल कार्मिकों की भूमिका को लेकर हो रही है. वहीं पुलिस की जांच जगन के कत्ल को लेकर हो रही है. वहीं जेल प्रशासन सुरक्षा में चूक और जेल कार्मिकों की भूमिका को लेकर जांच कर रहा है.
जेल के भीतर जगन गुर्जर की हत्या ने हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी ऐसे कई मामले हुए हैं जिसमें जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए होते रहे हैं.
इन मामलों में भी चर्चित रहा हाई सिक्योरिटी जेल:
- कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या 2 दिसंबर, 2022 को हुई थी. ठेहट की हत्या की साजिश हाई सिक्योरिटी जेल में ही रची गई थी. इस मामले में पड़ताल हुई, तब कई जेलकार्मिकों के नाम भी सामने आए थे.
- गोगामेड़ी की हत्या के आरोपी को हाई सिक्योरिटी जेल में मई 2024 को मोबाइल पहुंचाने के मामले में जेल कार्मिकों के समेत 11 जनों को गिरफ्तार किया गया था.
- 10 दिसंबर, 2024 को हाई सिक्योरिटी जेल के पीछे सफाई के दौरान ड्रोन भी मिला था.
- हाई सिक्योरिटी जेल में 2 जून, 2025 को तलाशी के दौरान मोबाइल चार्ज और सिम बरामद हुए थे. इस प्रकरण में एक जेल कर्मी की गिरफ्तारी भी हुई थी.
- ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी के पास से फरवरी 2025 को तीन मोबाइल सिम बरामद की गई थी.

