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अपना परिवार सुखी परिवार योजना का BPL लिस्ट पर नहीं होगा कोई असर, यहां जानिए दोनों में अंतर

2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार' योजना का औपचारिक शुभारंभ होगा.

APNA PARIVAR SUKHI PARIVAR YOJANA ANS BPL LIST DIFFERENCE
BPL परिवारों के लिए बड़ा अपडेट (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 28, 2026 at 9:39 PM IST

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Updated : August 28, 2026 at 10:16 PM IST

5 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में अति निर्धन परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए शुरू की जा रही मुख्यमंत्री 'अपना परिवार सुखी परिवार' योजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नई योजना शुरू होने के बाद प्रदेश की बीपीएल सूची खत्म कर दी जाएगी और क्या बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं बंद हो जाएंगी? सरकार ने इन चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है. नई योजना बीपीएल सूची का विकल्प नहीं होगी और बीपीएल सूची पहले की तरह जारी रहेगी. इसमें शामिल परिवारों को मिलने वाले सरकारी लाभ भी जारी रहेंगे.

दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने उन अति निर्धन परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 'अपना परिवार सुखी परिवार' योजना तैयार की है, जो किसी वजह से अब तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच से बाहर रह गए हैं. इनमें ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद ग्राम सभा की बैठकों में प्रभावशाली लोगों के दबाव या अन्य कारणों से बीपीएल सूची में जगह नहीं बना पाए. वर्तमान में प्रदेश में 2,61,335 परिवार बीपीएल सूची में शामिल हैं.

प्रदेश में खत्म नहीं होगी BPL सूची
प्रदेश में खत्म नहीं होगी BPL सूची (ETV BHARAT)

बीपीएल और अपना परिवार सुखी परिवार योजना में क्या है अंतर?

मुख्यमंत्री 'अपना परिवार सुखी परिवार' योजना प्रदेश सरकार की अपनी योजना है. इसका उद्देश्य उन अति निर्धन परिवारों तक सरकारी मदद पहुंचाना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाए. वहीं, बीपीएल सूची के तहत केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गरीब परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है. इसके लिए राज्यों के लिए एक तय कोटा निर्धारित होता है. सीमित संख्या के कारण कई जरूरतमंद परिवार BPL सूची से बाहर रह जाते हैं. ऐसे परिवारों को अपनी योजना के दायरे में लाना प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य है.

आठ चरणों में 1.80 लाख परिवार चिन्हित

नई योजना के तहत अति निर्धन परिवारों की पहचान के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है. अब तक आठ चरणों का सर्वे पूरा हो चुका है, जिसमें करीब 1.78 से 1.80 लाख अति निर्धन परिवार चिन्हित किए गए हैं. इनमें कई परिवार ऐसे हैं, जो कभी बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाए. वर्तमान में नौवें चरण का सर्वेक्षण चल रहा है. सरकार का लक्ष्य ऐसे परिवारों तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जो जरूरतमंद होने के बावजूद मौजूदा व्यवस्था से बाहर रह गए.

BPL परिवारों के लाभ नहीं होंगे बंद
BPL परिवारों के लाभ नहीं होंगे बंद (ETV BHARAT)

2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी योजना

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 2 अक्टूबर 2026 यानी गांधी जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार' योजना का औपचारिक शुभारंभ करने जा रहे हैं. योजना के तहत चिन्हित अति निर्धन परिवारों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं और आर्थिक सहायता से जोड़ने की तैयारी है. चयनित परिवारों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली, पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता और कच्चे मकान वाले परिवारों को पक्का मकान बनाने में मदद जैसे लाभ दिए जाने की बात कही गई है. इसके अलावा जरूरत के अनुसार परिवारों को अन्य राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा.

BPL परिवारों के लाभ नहीं होंगे बंद

नई योजना के बाद यह सवाल उठ रहा था कि अति निर्धन परिवारों की अलग सूची तैयार होने के बाद BPL सूची का क्या होगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि BPL सूची को खत्म नहीं किया जाएगा. इसमें पहले से शामिल परिवारों को पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा. यानी नई योजना आने से BPL परिवारों के मौजूदा अधिकार प्रभावित नहीं होंगे.

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह (ETV BHARAT)

अब दो स्तर पर पहुंचेगी सरकारी मदद

नई व्यवस्था के तहत एक तरफ BPL सूची में शामिल परिवारों को पहले की तरह सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा, वहीं दूसरी तरफ BPL सूची से बाहर रह गए अति निर्धन परिवारों को 'अपना परिवार सुखी परिवार' योजना के माध्यम से सहायता दी जाएगी. इससे सरकार का फोकस उन जरूरतमंद परिवारों तक भी पहुंच बनाने पर रहेगा, जो मौजूदा व्यवस्था में शामिल नहीं हो सके हैं.

हिमाचल में BPL का कोटा पहले से तय

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के लिए BPL का कोटा तय है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार' योजना शुरू करने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि नई योजना शुरू होने के बाद भी BPL सूची पहले की तरह रहेगी और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा.

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Last Updated : August 28, 2026 at 10:16 PM IST