उत्तराखंड में 25 अप्रैल से शुरू होगा मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य, अधिसूचना जारी
उत्तराखंड में 25 अप्रैल 2026 से मकानों की सूची बनाने और जनगणना का काम शुरू होगा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 25, 2026 at 7:40 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक कराया जाएगा. इसके लिए जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार कर राज्य सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहमति जाता दी है. सीएम धामी की स्वीकृति के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में जनगणना के पहले चरण के लिए तिथियों से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना जारी होने के साथ ही जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से तैयारियों को तेज कर दिया गया है.
दरअसल, जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत देश भर में अप्रैल से सितंबर महीने के बीच मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य कराया जाना है. इससे संबंधित गृह मंत्रालय की ओर से पहले ही सूचना जारी की जा चुकी है. हालांकि, जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और गणना का कार्य कब किया जाना है? इसके लिए राज्य सरकारों को अधिकृत किया था. जिसके क्रम में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तराखंड की ओर से अप्रैल- मई महीने में जनगणना के पहले चरण को संपन्न करने का निर्णय लिया गया था. साथ ही इससे संबंधित प्रस्ताव उत्तराखंड शासन को भी भेजा गया था.

ऐसे में अब उत्तराखंड सरकार ने 25 अप्रैल से 24 मई के बीच जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना के कार्य किए जाने पर सहमति जता दी है. इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. जारी अधिसूचना के अनुसार,
केंद्रीय सरकार की ओर से 7 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में अधिसूचित किया गया है कि जनगणना नियम- 1990 के नियम 6 (क) और नियम 6 (घ) के साथ पठित जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3 और धारा 17क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये घोषणा किया गया है कि भारत की जनगणना 2027 से संबंधित मकान सूचीकरण का कार्य 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 के बीच देश के सभी राज्यों में तीस दिन की अवधि के दौरान कराया जाना है.
ऐसे में राज्यपाल ने जनगणना नियम के नियम 8 (iii) के अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए ये घोषणा की है कि उत्तराखंड राज्य में जनगणना 2027 से संबंधित घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक किया जाएगा. इसके साथ ही स्व-गणना के लिए भी विकल्प होगा, जो कि तीस दिन की घर-घर जाकर मकानसूचीकरण का कार्य शुरू होने की अवधि से ठीक पहले 15 दिन के लिए यानी 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा.
उत्तराखंड राज्य में जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी दीपक कुमार ने राज्य में जनगणना को सही तरीके से संपन्न करवाने का पूर्ण आश्वासन दिया है. राज्य में इस जनगणना का संपादन जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के निर्देशन में कराया जाएगा. इस दौरान 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक यानी 15 दिन की अवधि में प्रदेश की जनता को स्वगणना का विकल्प भी दिया जाएगा.
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