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ऑटो चालक के बेटे अभय ने हांगकांग में रचा इतिहास, एशियन एथलेटिक्स अंडर-20 में जीता कांस्य

बनारस के हैं अभय दुबे, कठिन मेहनत और अनुशासन के बल हासिल किया मुकाम.

अभय दुबे
अभय दुबे (Photo Credit; Vikas Inter College Principal AK Singh)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 31, 2026 at 8:12 PM IST

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वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर बनारस का नाम रौशन हुआ है. इस बार हांगकांग (चीन) में आयोजित एशियन एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप की 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक मिला है. रविवार को यह कारनामा कर दिखाया है वाराणसी के अभय दुबे ने. अभय दुबे ने अपने संकल्प, संघर्ष और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराकर पूरे पूर्वांचल का नाम रोशन किया है. अभय के पिता ऑटो चलाते हैं. उनकी इस उपलब्धि को उनके कॉलेज प्राचार्य ने सभी के लिए प्रेरणादायक बताया है.

भारतीय पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रहे अभय कुमार दुबे और उनके साथियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3:05.54 मिनट का समय निकाला और भारत को कांस्य पदक दिलाया. अभय की इस उपलब्धि से वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है. लंबे समय बाद वाराणसी के किसी एथलीट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर शहर को गौरवान्वित किया है.

अभय वाराणसी के विकास इंटर कॉलेज के छात्र हैं. उनकी सफलता के पीछे परिवार का संघर्ष भी प्रेरणादायक रहा है. कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एके सिंह ने बताया कि अभय के पिता प्रेमचंद्र दुबे ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद अभय ने कठिन मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया. कहा कि अभय की इस सफलता से जिले के अन्य खिलाड़ियों का भी मनोबल बढ़ेगा और युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी. हांगकांग से वाराणसी लौटने पर अभय का भव्य स्वागत किया जाएगा.

बता दें कि अभय कुमार दुबे पिछले चार वर्षों से डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल, बड़ा लालपुर में प्रशिक्षण ले रहे हैं. उन्हें क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मंजूर आलम अंसारी द्वारा प्रशिक्षित किया गया. लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत ने अभय को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

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