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अमित शाह ने दिए बॉर्डर से 15 किमी तक अवैध निर्माण हटाने के निर्देश, 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड बनाने पर दिया जोर

अमित शाह ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया जाए और उनके फंडिंग स्रोतों की गहन जांच हो.

Amit Shah conducting a security meeting
सुरक्षा बैठक लेते अमित शाह (Courtesy - PIB)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 27, 2026 at 5:17 PM IST

6 Min Read
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बीकानेर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस महत्वपूर्ण बैठक में सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, साइबर अपराध, आतंकी फंडिंग और सीमा-पार आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन चर्चा की गई. गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर तक अवैध निर्माण हटाने, फर्जी आधार और म्यूल अकाउंट पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए. साथ ही सीमावर्ती जिलों के लिए 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड तैयार करने पर भी जोर दिया गया.

सीमावर्ती जिले में 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड: गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासन, आम नागरिकों और विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी से ही मजबूत हो सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए '360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क' तैयार करने का निर्णय लिया गया. इस मॉडल के तहत सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों, ग्राम स्तर के नेटवर्क, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को एकीकृत रूप से जोड़कर सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि की त्वरित पहचान और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

Officials present at the security meeting
सुरक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी (Courtesy - PIB)

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सीमा से 15 किलोमीटर तक अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर: बैठक में अमित शाह ने सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में यदि कोई अवैध निर्माण पाया जाता है, तो उसे तुरंत जमींदोज किया जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध ढांचे या बिना सत्यापन के निर्माण को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गृह मंत्री ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करने पर जोर दिया.

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BSF, NCB और CBDT मिलकर करेंगे संयुक्त कार्रवाई: बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) तथा राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया. गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई, हवाला कारोबार और आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए सभी एजेंसियों को साझा ऑपरेशन मोड में काम करना होगा. उन्होंने कहा कि केवल सीमाओं की निगरानी ही पर्याप्त नहीं, बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क और उसकी आर्थिक जड़ों पर भी प्रहार करना जरूरी है.

फर्जी आधार कार्ड, म्यूल अकाउंट और शेल कंपनियां रहेंगी निशाने पर: अमित शाह ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया जाए और उनके फंडिंग स्रोतों की गहन जांच हो. साथ ही बैंकों में पूर्ण कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने विशेष रूप से म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों और फर्जी आधार कार्डों के जरिए संचालित नेटवर्क पर पैनी नजर रखने को कहा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तस्करी और अवैध लेन-देन से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए.

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साइबर अपराध रोकने के लिए 1930 हेल्पलाइन पर जोर: बैठक में साइबर अपराधों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई. गृह मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और लोगों में जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं. साथ ही हाल ही में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया.

सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए VVP-II पर फोकस: बैठक में Vibrant Village Programme-II (VVP-II) की प्रगति की भी समीक्षा की गई. गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है. इसलिए वहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और सीमावर्ती आबादी खुद को मुख्यधारा से जुड़ा महसूस करे.

मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: बैठक के अंत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है ताकि देश की सीमाएं सुरक्षित होने के साथ-साथ वहां रहने वाले नागरिकों का जीवन स्तर भी बेहतर हो सके. बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के आला अधिकारी तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी जिलों के जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाना रहा.