भिवानी में महिलाओं ने किया होलिका पूजन, किसानों ने लगाया नई फसल का भोग
भिवानी में महिलाओं ने होलिका पूजन कर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की.

Published : March 2, 2026 at 5:09 PM IST
भिवानी: जिले में होली पर्व से पहले सोमवार को होलिका पूजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. शहर के विभिन्न स्थानों पर विधिवत होलिका सजाई गई और सुबह से ही पूजा शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा. महिलाओं ने सज-धजकर होलिका की परिक्रमा की, जल अर्पित किया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न की.
दुकानों में उमड़ी भीड़: होलिका पर गोबर से बने बड़कुल्ले, ढाल और नाल अर्पित किए गए. श्रद्धालुओं ने धागा बांधकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. बाजारों में भी त्योहार की रौनक देखने को मिली और रंग-गुलाल की दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही.

नई फसल का लगाया भोग: होलिका पूजन के दौरान किसानों ने अपने खेत-खलिहानों में तैयार नई फसल, जैसे -गेहूं, जौ और चने का भोग होलिका को अर्पित किया. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में परंपरागत श्रद्धा के साथ अच्छी पैदावार और परिवार की खुशहाली की लोगों ने प्रार्थना की. इसके अलावा महिलाओं ने व्रत रखकर संतान के दीर्घायु की कामना की. गोबर से बने पारंपरिक प्रतीकों की पूजा की. इस दौरान महिलाओं ने कच्चे धागे लेकर होलिका की परिक्रमा की.
प्रह्लाद की आस्था से जुड़ी परंपरा: होलिका पूजन करने आई महिला माया देवी ने बताया कि होली पूजन के प्रति उनकी गहरी आस्था है. वहीं, अन्य महिला प्रीति पंवार ने कहा कि, "जिस प्रकार भक्त प्रह्लाद की रक्षा भगवान ने की, उसी प्रकार वे अपने बच्चों की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए व्रत रखती हैं. होलिका पर रक्षा सूत्र के रूप में धागा बांधना भी परंपरा का हिस्सा है." श्रद्धालुओं का मानना है कि होली का रंग केवल बाहरी रूप को ही नहीं, बल्कि मन को भी भीतर से रंग देता है, जिससे समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलता है.
ये भी पढ़ें:होली पर बेफिक्र होकर उड़ाएं रंग-गुलाल, बस रखें स्किन का ध्यान...जानिए क्या कहते हैं चर्म रोग विशेषज्ञ

