Holika Dahan 2026 : बाड़मेर के गली-मोहल्लों में हुआ होलिका दहन, ढोल-नगाड़ों संग पहुंचे नवविवाहित जोड़े
आजाद चौक में पूर्व राजपरिवार के रावत त्रिभुवन सिंह ने होलिका दहन किया. इसी के साथ शहर में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया.

Published : March 2, 2026 at 9:11 PM IST
बाड़मेर: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली पर्व सरहदी जिले बाड़मेर में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार रात को अलग-अलग मुहूर्त में होलिका दहन किया गया. इससे पहले महिलाओं ने विधिवत रूप से होली की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की. इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े ढोल-नगाड़ों के साथ होली की पूजा करने पहुंचे. होली स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई.
शहर के सोमवार शाम को हमीरपुरा, पुराना जाटावास, महेश्वरी चौक, सुमेर गौशाला, आजाद चौक सहित विभिन्न गली-मोहल्लों में लकड़ियों से होली बनाई गई. इसके साथ ही होली को फूलमालाओं और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया. देर शाम से होली पूजन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात आठ से नौ बजे तक चला. इसके बाद अलग-अलग शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया.

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आजाद चौक में पूर्व राजपरिवार के रावत त्रिभुवन सिंह ने परंपरा के अनुसार होलिका दहन किया. इसी के साथ शहर के विभिन्न मोहल्लों में लोगों ने अलग-अलग शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया. होलिका दहन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. होली स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ और चहल-पहल रही. वहीं, शहर के महेश्वरी चौक पर माहेश्वरी समाज के लोगों ने अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार धमाल कार्यक्रम किया.

इसी तरह घुमंतू छात्रावास के छात्रों ने भी होली के पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाया. स्थानीय निवासी दिव्या चांडक ने बताया कि वे होली को लेकर शाम पांच बजे से ही तैयारी में जुटे हुए थे. लकड़ियों से होली बनाने के बाद उसे सजाया गया. होलिका की पूजन किया गया और रात साढ़े आठ बजे होलिका दहन किया गया. उन्होंने बताया कि होली रंगों का त्योहार और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसी तरह फाल्गुनी डागा ने बताया कि पूरे शहर में होली को लेकर जबरदस्त उत्साह है. गली-मोहल्लों में लकड़ियों से होली बनाई गई है. महिलाओं द्वारा होली की पूजा-अर्चना के बाद विधिवत रूप से होलिका दहन किया गया.

