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पटना में सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के साथ होलिका दहन, आधी रात को उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब

पटना में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ. श्रद्धालु भारी संख्या में जुटे, वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना की गई.

Holika Dahan 2026
होलिका दहन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 3, 2026 at 8:22 AM IST

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पटना: रंगों के महापर्व होली से पूर्व सोमवार को राजधानी पटना में श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया. इसी कड़ी में पटना के खाजपुरा स्थित शिव मंदिर के पीछे ब्रह्मस्थानी गली में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए विधि-विधान के साथ होलिका दहन संपन्न कराया गया.

कई पीढ़ियों से होलिका दहन की यह परंपरा: स्थानीय लोगों के अनुसार ब्रह्मस्थानी गली में होलिका दहन की यह परंपरा कई पीढ़ियों से लगातार निभाई जा रही है. पूर्वजों द्वारा जिस रीति-रिवाज और सांस्कृतिक स्वरूप में इस आयोजन की शुरुआत की गई थी, आज भी उसी परंपरा को कायम रखते हुए यहां उत्सव मनाया जाता है.

होलिका दहन पर लोगों में भारी उत्साह (ETV Bharat)

विधि-विधान के बीच होलिका दहन: होलिका दहन के अवसर पर ब्रह्म स्थान के पास शाम होते ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी. महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच होलिका की पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित कर होलिका दहन किया गया.

Holika Dahan 2026
लोगों ने एक-दूसरे को लगाया गुलाल (ETV Bharat)

होलिका दहन और पारंपरिक लोक संगीत: इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति गीतों, पारंपरिक लोक संगीत और ढोल-नगाड़ों की धुन से गूंज उठा. स्थानीय युवाओं और कलाकारों द्वारा गाना प्रस्तुत किया गया, जिसने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया. होलिका दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया.

Holika Dahan 2026
आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ होलिका दहन (ETV Bharat)

सामाजिक एकता का प्रतीक: स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर इस परंपरा का हिस्सा बनते हैं और नई पीढ़ी को भी इसकी महत्ता से अवगत कराया जाता है.

"होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी प्रेम और सद्भावना को मजबूत करने का संदेश देता है."-स्थानीय

Holika Dahan 2026
होलिका दहन पर बच्चों में भी उत्साह का सैलाब (raw)

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम: कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में उत्सव का आनंद ले सकें. देर रात तक लोग गीत-संगीत और पारंपरिक उत्सव में शामिल होकर होली की खुशियां मनाते रहे. ब्रह्मस्थानी गली में आयोजित यह होलिका दहन कार्यक्रम राजधानी पटना की सांस्कृतिक विरासत और जीवंत परंपराओं का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया, जहां आधुनिक दौर में भी लोग अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े हुए नजर आए.

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