होली पर्व में रंगीन हुए बाजार, चायनीज पिचकारी और हर्बल गुलाल की डिमांड, सेफ होली का भी मैसेज
होली के त्यौहार से पहले ही बाजार होली के रंग में रंग चुका है.बाजार में इस बार पिचकारी और कलर्स की नई वैरायटी आई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 2, 2026 at 1:31 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 2:20 PM IST
महासमुंद : होली के त्यौहार को लेकर हर ओर उत्साह नजर आ रहा है.रंगों के त्यौहार में बाजार भी पूरी तरह से सज चुके हैं. बात यदि महासमुंद की करें तो चारों ओर गुलाल की खुशबू, रंग-बिरंगी पिचकारियों की कतारें और फाग गीतों की गूंज माहौल को उत्सवमय बना रही है. बच्चों से लेकर बड़ों तक में होली की खरीददारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
बच्चों के बीच चायनीज गन लोकप्रिय
बाजार में अलग-अलग रंगों के गुलाल, रंग, पिचकारियां, नगाड़ा, मुखौटे और तरह-तरह की होली सामग्री से सजे हुए हैं. 5 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की आकर्षक पिचकारियां उपलब्ध हैं. भीम गदा पिचकारी, बंदूक वाली पिचकारी, अग्निशमन बोतल के आकार की पिचकारी, डोरेमान डिजाइन और चाइनीज गन पिचकारी बच्चों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.


नगाड़े को लेकर भी लोगों में उत्साह
बाजार में केमिकल युक्त रंगों के साथ-साथ हर्बल गुलाल और प्राकृतिक रंगों की भी अच्छी-खासी मांग देखी जा रही है. वहीं होली के पारंपरिक उत्साह को बनाए रखने के लिए 150 रुपये जोड़े से लेकर 3000 रुपये तक के छोटे-बड़े नगाड़े भी बाजार में उपलब्ध हैं.

इस वर्ष हर्बल रंग और गुलाल की मांग में बढ़ोतरी हुई है और बिक्री संतोषजनक है- दीपक नंदवानी, दुकानदार
भाईचारे के साथ होली मनाने का संदेश
वहीं खरीददारी करने पहुंचे नागरिकों का कहना है कि होली प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का त्योहार है, जिसे शांतिपूर्ण और खुशियों के साथ मनाना चाहिए.

| होली का त्योहार रंगों का त्यौहार है.इसलिए हमें आपस में मिलकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं. इस दिन लोगों के घरों में पकवान भी बनते हैं. हम लोगों से यही गुजारिश करते हैं कि होली का त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं – कुंदन साहू, नागरिक |
डॉक्टरों ने भी होली को सादगी और सावधानी से मनाने की अपील की है. डॉक्टरों की माने तो होली के त्यौहार में त्वचा और आंखों का खास ध्यान रखना चाहिए.केमिकल युक्त रंगों से होली नहीं खेलनी चाहिए. हर्बल रंगों से ही होली का त्यौहार मनाना चाहिए.

केमिकल युक्त रंगों से त्वचा और आंखों को नुकसान हो सकता है, इसलिए हर्बल रंगों का प्रयोग करें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें- डॉ. एचबी कालीकोठी
आपको बता दें कि इस बार होली का त्यौहार 4 मार्च को है. जबकि होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा. अक्सर होलिका दहन के एक दिन बाद होली का त्यौहार मनाया जाता है.लेकिन इस बार ग्रहण के कारण होली 3 मार्च के बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा.
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