देवघर के बैद्यनाथ धाम मंदिर में हुआ हरि का हर से मिलन, भोलेनाथ को गुलाल चढ़ाने के बाद होली की शुरुआत
देवघर में हरिहर मिलन का आयोजन किया गया. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

Published : March 3, 2026 at 2:14 PM IST
रिपोर्ट-हितेश कुमार.
देवघर:देश के द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल देवघर के बैद्यनाथ धाम में मंगलवार को अगले सुबह परंपरा के अनुसार हरिहर मिलन और होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मंगलवार की शाम 5:30 बजे लगने वाले चंद्रग्रहण को देखते हुए देवघर के बैद्यनाथ धाम मंदिर के तीर्थ पुरोहितों ने सूतक लगने से पहले ही हरिहर मिलन और होलिका दहन कार्यक्रम पूरा कर किया.इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. पूरा मंदिर परिसर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों के गूंज उठा.
इस संबंध में मंदिर के वरिष्ठ पंडा जयदेव मिश्रा ने बताया कि शुभ मुहूर्त को देखते हुए मंगलवार की सुबह 4:30 बजे से 5:30 बजे तक हरिहर मिलन और होलिका दहन का कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया. अहले सुबह होलिका दहन का आयोजन होने की वजह से देवघर का बैद्यनाथ धाम मंदिर सोमवार की रात भर खुल रहा.
वहीं मंगलवार को चंद्रग्रहण को देखते हुए दिन के करीब 2:00 बजे के बाद बैद्यनाथ मंदिर को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, फिर चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7:00 बजे मंदिर का पट खुलेगा और फिर भोलेनाथ की शृंगार पूजा होगी.

क्या है हरिहर मिलन परंपरा
वहीं इस संबंध में मंदिर के वरिष्ठ पुजारी बाबा झलक ने बताया कि हरिहर मिलन का श्रद्धालुओं को हर साल इंतजार रहता है. होली से पूर्व हरि मतलब भगवान विष्णु और हर मतलब भगवान भोलेनाथ एक दूसरे से मिलते हैं.उनके इस शुभ मुलाकात के साथ होली के पावन पर्व शुरुआत होती है. भगवान विष्णु अपने मंदिर से निकलकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में जाते हैं. इसलिए इसे हरिहर मिलन कहा जाता है.
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