होलाष्टक की साथ बीकानेर में शुरू हुआ फाल्गुनी मस्ती का दौर, पहले दिन हुआ भांग महोत्सव
होलाष्टक के पहले दिन बीकानेर में भांग सम्मेलन की शुरुआत होती है और होलिका दहन तक लगातार यह आयोजन होता है.

Published : February 24, 2026 at 6:46 PM IST
बीकानेर : बीकानेर में फाल्गुनी मस्ती का दौर शुरू हो गया है. शहर में अब होली को लेकर कई आयोजन होंगे. होलाष्टक लगने के साथ ही बीकानेर में लोग होली की मस्ती में डूब जाते हैं. खासतौर से बीकानेर शहर का पुराना आबादी का अंदरूनी इलाका. होलाष्टक लगने की साथ ही बीकानेर के मोहता चौक में भांग महोत्सव की शुरुआत होती है और होलिका दहन तक लगातार 8 दिन तक भांग महोत्सव जारी रहता है.
पहुंचते हैं भांग प्रेमी : इस सम्मेलन में बीकानेर शहर में रहने वाले भांग प्रेमी पहुंचते हैं और होली की मस्ती के साथ भजन संगीत करते हुए भांग का सेवन करते हैं. इतना ही नहीं केवल होली के मौके पर भांग लेने के शौकीन लोगों का भी यहां जमावड़ा लगता है. आयोजन करने वाले बबला महाराज ने बताया कि वो पिछले 24 सालों से आयोजन कर रहे हैं. बीकानेर में और अलग-अलग जगह पर भी लोग भांग का सेवन करते हैं. हमने इस जगह का नाम संस्कृति पाटा रखा है और होली के मौके पर यह आयोजन होली की मस्ती को जिंदा रखने के लिए शुरू किया और अब यह परंपरा बन गई.

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वे कहते हैं कि भांग का होली पर नशे के रूप में सेवन नहीं करते हैं, बल्कि मस्ती के रूप में भगवान शिव का प्रसाद समझ कर लेते हैं. यह आयोजन तो सबको जोड़कर रखने का जरिया है. बबला महाराज कहते हैं कि हर रोज करीब 8 किलो भांग की खपत होती है और 300 से 400 लोग यहां जमा होते हैं, जैसे-जैसे होली का त्योहार नजदीक आएगा भांग की खपत बढ़ जाएगी. होली के मौके पर बीकानेर शहर में परकोटा क्षेत्र में अलग-अलग जगह पर रम्मतों का आयोजन होता है. शहर में अब देर रात तक लोग घर से बाहर चंग की थाप और होली के गीतों और ख्यालों के बीच मस्ती लेते हुए नजर आएंगे.

