Holi 2026 : डूंगरपुर में रंग-गुलाल नहीं पत्थरों से खेली गई खूनी होली, 31 घायल
राजस्थान के भीलूड़ा में धुलंडी पर पत्थरों की खूनी होली खेली गई. लोगों का मानना है कि खून गिरने से गांव में खुशहाली आती है.

Published : March 3, 2026 at 8:25 PM IST
डूंगरपुर: होली को लेकर अनूठी परंपराओं की वजह से आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिला प्रसिद्ध है, लेकिन डूंगरपुर के भीलूड़ा गांव में धुलंडी के मौके पर मंगलवार शाम को रंग-गुलाल नहीं, पत्थरों की होली खेली गई. ढोल-कुंडी की थाप पर होली की चीत्कार करते हुए दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए. पत्थरों की मार से 31 लोग घायल हो गए. किसी के हाथ, तो किसी के पैर और सिर पर पत्थर लगे. घायलों का भीलूड़ा अस्पताल में इलाज करवाया गया.
स्थानीय निवासी ने धीरेंद्र पंचाल ने बताया कि आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में होली पर सालों से चली आ रही अनूठी परंपराएं आज भी निभाई जा रही हैं. इन परंपराओं में पत्थरमार होली भी शामिल है. भीलूड़ा में पत्थरों की होली (खूनी होली) को लेकर मंगलवार शाम को आसपास के कई गांवों के लोग भीलूड़ा के रघुनाथजी मंदिर के पास इकट्ठा हुए. ढोल-कुंडी की थाप पर बड़ी संख्या में आए लोगों ने गैर खेली.
इसके बाद लोग रघुनाथजी मंदिर में दर्शनों के लिए मंदिर के पास ही मैदान में पहुंचे, जहां गांव के लोग दो गुटों में बंट गए. दोनों ही गुटों ने देखते ही देखते एक-दूसरे पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया. हाथों में पत्थर लेकर एक-दूसरे पर फेंके, तो कई ने गोफन से पत्थर मारे. पत्थर एक-दूसरे के गुट के लोगों को लगे. वहीं, लोग पत्थरों से बचने का प्रयास भी करते रहे.
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भीलूड़ा सीएचसी के चिकित्साप्रभारी डॉ. डिंपल बुनकर ने बताया कि पत्थरमार होली में कई लोगों के हाथ, पैर, सिर और शरीर पर कई जगह पत्थर लगे, जिससे चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए. घायल लोगों को मौजूद दूसरे लोगों ने अस्पताल पहुंचाया. एक-एक कर घायलों की संख्या बढ़ती गई. देर शाम तक चले इस पत्थरमार होली में 31 लोग घायल हो गए.

वहीं, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की टीम ने घायलों का इलाज किया. ग्रामीण धीरेंद्र पंचाल ने बताया कि गांव के लोगों का मानना है कि पत्थरमार होली की वजह से लोग घायल होते हैं. पत्थरों की चोट से निकलने वाला खून जमीन पर गिरता है, तो गांव में सालभर में कोई अनहोनी नहीं होती और गांव में सालभर खुशहाली रहती है.
बूंदी जिले के भरता बावड़ी गांव में धुलंडी पर दो पक्ष भिड़े : जिले के भरता बावड़ी गांव में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया. तालेड़ा थाना क्षेत्र के इस गांव में घर के बाहर खड़े एक व्यक्ति पर आधा दर्जन दबंगों ने कुल्हाड़ी और लोहे के पाइप से जानलेवा हमला कर दिया. हमले में नन्दलाल मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज कोटा के एमबीएस अस्पताल में जारी है.
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नन्दलाल मीणा शाम के समय अपने घर के बाहर खड़े थे. इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोग वहां पहुंचे और देखते ही देखते गाली-गलौज के बाद उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमलावरों ने कुल्हाड़ी और पाइप से वार किए, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं. घायल अवस्था में उन्हें तुरंत तालेड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर कोटा रेफर किया गया.
मामले में तालेड़ा थाने के हेड कांस्टेबल रंजीत गठाला ने बताया कि घायल की रिपोर्ट पर आधा दर्जन नामजद हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था, जो अब खूनी संघर्ष में बदल गया.

