गुरुग्राम के बाजारों में दिखी होली की रौनक, ऑर्गेनिक रंगों की बढ़ी डिमांड, डॉक्टरों ने दी ये खास सलाह
गुरुग्राम में होली पर ऑर्गेनिक रंगों की मांग बढ़ी गई है. वहीं, डॉक्टरों ने भी केमिकल रंगों से बचने की सलाह दी है.

Published : March 3, 2026 at 12:48 PM IST
गुरुग्राम: गुरुग्राम में होली का उत्साह पूरे शबाब पर है. शहर के प्रमुख बाजार रंग-बिरंगी पिचकारियों, गुलाल और गिफ्ट आइटम से सजे हुए हैं. सुबह से ही खरीदारों की भीड़ दुकानों पर उमड़ रही है. बच्चों से लेकर बड़ों तक में होली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. दुकानदारों की मानें तो इस बार बिक्री पिछले साल की तुलना में बेहतर है. खासकर सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों की डिमांड इस बार अधिक है.
ऑर्गेनिक रंगों की ओर बढ़ा रुझान: इस बार बाजार में ऑर्गेनिक और हर्बल रंगों की मांग में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. लोग सेहत को प्राथमिकता देते हुए केमिकल युक्त रंगों से दूरी बना रहे हैं. एक खरीदार ने बताया, “हम इस बार सिर्फ ऑर्गेनिक रंग ही खरीद रहे हैं, क्योंकि केमिकल वाले रंग त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं. बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित रंग लेना जरूरी है.” दुकानदारों का कहना है कि फूलों से बने गुलाल और हर्बल रंगों की बिक्री तेजी से बढ़ी है.

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह: इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अनामिका ने होली पर सुरक्षित रंगों के इस्तेमाल की सलाह दी है. उन्होंने कहा, “होली पर त्वचा के अनुकूल और बिना केमिकल वाले रंगों का ही प्रयोग करें. केमिकल युक्त रंग त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं.” उन्होंने खासतौर पर अस्थमा मरीजों को सावधान रहने की सलाह दी.

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर: डॉक्टर अनामिका की मानें तो केमिकल रंगों के संपर्क में आने से अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है. इसके अलावा आंखों में जलन, इन्फेक्शन, एलर्जी और त्वचा रोग का खतरा भी रहता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि होली को फूलों या प्राकृतिक रंगों के साथ मनाएं, ताकि त्योहार की खुशियां सेहत पर भारी न पड़ें.
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