होली के रंगों से नहीं खराब होगी स्किन, इस 7 पॉइंट्स से समझे कैसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल
होली पर रंगों में तो हर कोई सराबोर होना चाहता है, लेकिन केमिकल युक्त रंग आपकी होली फिकी कर सकते हैं.

Published : March 1, 2026 at 10:27 AM IST
|Updated : March 1, 2026 at 2:39 PM IST
नई दिल्ली/गाजियाबाद: होली का त्यौहार नजदीक है. होली पर पर लोग जमकर रंग खेलते हैं और हर्षो उल्लास के साथ त्यौहार मनाते हैं. होली पर रंग खेलने के दौरान सावधानी भी बेहद जरूरी है क्योंकि जरा सी लापरवाही त्वचा और बालों के लिए गंभीर परेशानी बन सकती है. बाजार में मिलने वाले कई सस्ते और चमकीले रंगों में खतरनाक केमिकल और सिंथेटिक दी मिली हुई होती हैं, जिनके इस्तेमाल से शरीर पर एलर्जी, रैशेज, जलन और फंगल इन्फेक्शन आदि होने की संभावना बनी रहती है. ऐसे में जरूरी है कि रंग खेलने से पहले, रंग खेलने के दौरान और बाद में सावधानियां अपनी जाएं ताकि होली के त्यौहार को धूमधाम से मनाया जा सके.
वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर बृजपाल सिंह त्यागी के मुताबिक, होली खुशियों और रंगों का त्यौहार है. होली पर लोग जमकर रंग खेलते हैं ऐसे में थोड़ी बहुत सावधानी भी जरूरी है क्योंकि आजकल बाजार में कई प्रकार की खतरनाक रंग मौजूद हैं. रंग खेलने के दौरान प्राकृतिक और हर्बल रंगों का प्रयोग करें ताकि त्वचा पर खुजली जलन और एलर्जी पैदा ना हो. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि उनकी त्वचा अधिक संवेदनशील होती है. यदि त्वचा पर किसी भी प्रकार की रैशेज या जलन समेत कोई असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
कंसलटेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ हर्ष त्यागी के मुताबिक, "होली के बाद हमारे पास कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, स्किन एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन से संबंधित कई मामले सामने आते हैं. यदि सही तैयारी और जागरूकता के साथ होली खेली जाए तो इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है."
रंग खेलने से पहले क्या करें?
1. त्वचा पर मॉइश्चराइजर या तेल लगाए: होली पर रंग खेलने से कम से कम घंटे भर पहले खुली त्वचा पर नारियल का तेल या मॉइश्चराइजर अच्छे से लगाए. ऐसा करने से त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन जाती है जोकि रंग को सीधे त्वचा में पहुंचने नहीं देती. जिससे कि काफी हद तक त्वचा सुरक्षित रहती है.
2. बालों की सुरक्षा जरूरी: कई बार होली खेलने के दौरान रंग स्कैल्प में पहुंच जाता है. जिस की हेयर स्कैल्प में खुजली आदि होने की संभावना बढ़ जाती है. होली खेलने से पहले बालों में तेल लगाए. हेयर लाइन पर वैसलीन आदि लगा सकते हैं ताकि रंग स्कैल्प में ना जा सके. यदि संभव हो तो टोपी आदि लगाए ताकि रंग सीधे बालों और स्कैल्प में न पहुंचे.
3. शेविंग-फेशियल से दूरी: होली के त्योहार पर रंग खेलने से कम से कम 48 घंटे पहले किसी प्रकार का कोई स्किन ट्रीटमेंट ना करवाई. शेविंग, फेशियल और वैक्सिंग से भी बचें. ऐसा करने से त्वचा संवेदनशील हो जाती है और रंगों के रसायन जलन पैदा कर सकते हैं. यदि आपने किसी प्रकार का स्किन ट्रीटमेंट करवाया है तो रंग खेलने से बचना चाहिए.
4. पैच टेस्ट जरूर करें: नया गुलाल या हर्बल रंग इस्तेमाल करने से 24 घंटे पहले पैच टेस्ट जरूर करें. हाथ के अंदरूनी हिस्सा या कान के पीछे थोड़ा रंग लगाकर करीब आधे घंटे देखें. यदि किसी प्रकार की जलन खुजली या लालिमा प्रतीत हो तो सुरंग का इस्तेमाल करने से बचें. ऐसा करने से आप खुद को और औरों को भी सुरक्षित रख सकते हैं.
कैसे करें सही रंगों का चयन ?
सस्ते और बहुत ज्यादा मैटेलिक और चमकीले रंगों का होली खेलने के दौरान प्रयोग करने से बचना चाहिए. ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, जलन और पिगमेंटेशन का कारण बन सकते हैं. रंग हाथ में लेने पर खुरदुरा या किरकिरा लगे तो इस्तेमाल न करें. रंग खेलने के लिए हर्बल और कार्बनिक गुलाल को प्राथमिकता दें. सुख रंगों का प्रयोग गीले रंगों से काफी बेहतर है. सुख रंग त्वचा पर काम चिपकती हैं और उन्हें साफ करना भी आसान होता है. रंग जितना प्राकृतिक और हल्का होगा उतना ही त्वचा के लिए सुरक्षित रहेगा.
रंग हटाते समय क्या करें ?
- रंग हटाने के लिए शरीर पर अत्यधिक साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें.
- हल्के गुनगुने पानी और माइल्ड क्लींजर से धीरे-धीरे रंग को साफ करें.
- त्वचा को जोर-जोर से रगड़ने से बचें.
- गले और रंग लगे कपड़े तुरंत बदले ताकि फंगल इंफेक्शन से बचा जा सके
जिन लोगों को एग्जिमा, सोरायसिस या पुरानी एलर्जी की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. ऐसे लोगों को रंग खेलने से पहले त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि कई बार देखा गया है कि रंगों में खतरनाक केमिकल मौजूद होते हैं जोकि त्वचा संबंधित समस्या को और गंभीर कर सकते हैं.
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