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राधा रानी की सखियों के रूप में बरसाना के हुरियारे पहुंचे नंदगांव, खेली गयी लट्ठमार होली

मथुरा में गुरुवार को हुरियारे सखी रूप में नंद गांव पहुंचे. हुरियारिन के साथ लट्ठमार होली खेली गयी.

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हुरियारे सखी रूप में नंद गांव पहुंचे. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 3:20 PM IST

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Updated : February 26, 2026 at 8:57 PM IST

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मथुरा: कल राधा रानी की जन्मस्थली बरसाना में विश्व प्रसिद्ध होली खेली गई, तो आज गुरुवार को हुरियारे सखी रूप में नंद गांव पहुंचे. हुरियारिन के साथ लट्ठमार होली खेली गयी. बरसाना के हुरियारे नंदगाव पहुंचे और नंद बाबा मंदिर में पारंपरिक समाज गायन होने के बाद रंगीली चौक पर होली का नजारा देखने को मिला.

कान्हा को निमंत्रण देती हैं सखी: मथुरा की विश्व प्रसिद्ध होली परंपरा के अनुसार, बरसाना के हुरियारे (पुरुष) सखी रूप (राधा रानी की सखी के भाव) में नंदगांव पहुंचे. यह प्रोग्राम बरसाना की लट्ठमार होली के अगले दिन नंदगांव में होता है.

मथुरा में लट्ठमार होली खेली गयी. (Video Credit: ETV Bharat)

लट्ठमार होली से पहले, बरसाना से एक 'राधा दासी सखी' (वर्तमान में वृंदावन की राधा दासी) सोलह श्रृंगार कर, हाथ में गुलाल और प्रसाद लेकर नंदभवन जाती हैं. वह कान्हा को होली का निमंत्रण देती हैं. इसके बाद बरसाना के हुरियारे, जो स्वयं को राधा रानी की सखी मानते हैं, नंदगांव पहुंचते हैं.

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बरसाना के हुरियारे, जो स्वयं को राधा रानी की सखी मानते हैं. (Photo Credit: ETV Bharat)

लाठियां बरसाती हैं गोपियां: नंदगांव की गोपियां (हुरियारिनें) उन पर लाठियां बरसाती हैं. ये हुरियारे ढाल से अपना बचाव करते हैं. मान्यता है कि यह परंपरा लगभग 5,000 साल पुरानी है, जो राधा-कृष्ण के प्रेम और गोपियों के साथ उनकी हास्य-ठिठोली का प्रतीक है. इस वर्ष नंदगांव की लट्ठमार होली गुरुवार को मनाई गयी, जबकि बरसाना में होली बुधवार को संपन्न हुई.

मथुरा में विश्व प्रसिद्ध होली. (Video Credit: ETV Bharat)

नंद गांव में होली का हुड़दंग: नंद बाबा के मंदिर में आज बरसाना के हुरियारे सखी रूप में नंदगांव पहुंचकर फगुआ मांगने के लिए जाते हैं, क्योंकि बुधवार को बरसाना में होली खेलने के लिए नंद गांव के हुरियारे बरसाना पहुंचे थे. सखियों के साथ बरसाना में होली खेली गई थी. गुरुवार को नंद गांव में बरसाना के हुरियारे सखी रूप में पहुंचे और सोलह सिंगार लहंगा और लंबा सा घूंघट करके दरवाजे पर खड़ी गोपियों के साथ होली खेलते हुए नजर आए.

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रंगीली चौक पर होली का नजारा (Photo Credit: ETV Bharat)

सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी कायम: नंदगांव और बरसाना के बीच द्वापर युग से चली आ रही होली खेलने की परंपरा आज भी कायम है. पहले नंद गांव के हुरियारे बरसाना पहुंच कर रंगीली गलियों में होली खेलते हैं. दूसरे दिन बरसाना के हुरियारे नंदगांव पहुंचकर नंद चौक पर जाकर होली खेलते हुए नजर आये. कहा जाता है कि करीब 5000 वर्ष पुरानी परंपरा, नंदगांव और बरसाना के लोग मनाते आ रहे हैं.

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मथुरा की विश्व प्रसिद्ध होली (Photo Credit: ETV Bharat)

होली की मस्ती में श्रद्धालु: सब जग होरी ब्रिज होरा मथुरा में होली का रंग श्रद्धालुओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. दूर दराज से आ रहे श्रद्धालु होली के रंग में सराबोर हैं. मस्ती में नाचते हुए होली का आनंद ले रहे हैं. ढोल नगाड़े बैंड बजे की धुन पर होली का हुड़दंग देखने को मिल रहा है.

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Last Updated : February 26, 2026 at 8:57 PM IST