Holi 2026 : कोटा की खास झांकियां...'अरावली बचाओ' से लेकर 'महिला सशक्तिकरण' तक का संदेश
होली दहन के साथ संस्थाएं कोटा में होली की झांकियां भी बनाती हैं. यह झांकियां करीब चार दशक पहले से बनती हुई आ रही हैं...

Published : March 2, 2026 at 7:08 PM IST
मनीष गौतम
कोटा: पूरे देश पर में होली की धूम है. होलिका दहन के साथ-साथ धुलंडी भी शुरू होगी. रंगों के त्योहार पर एक दूसरे को रंग लगाने के साथ प्रेम बढ़ेगा. कोटा में भी खास तौर पर होली का त्योहार मनाया जाता है. यहां पर होलिका दहन के साथ संस्थाएं होली की झांकियां भी बनाती हैं. यह झांकियां करीब चार दशक पहले से बनती हुई आ रही हैं.
कोटा के नयापुरा में आदर्श होली संस्था बीते 45 सालों से होली की झांकियां बना रही है. हर साल अलग थीम पर यह झांकियां बनाई जाती हैं. इस बार उनकी थीम 'अरावली बचाओ' है. इसके साथ ही शिव पार्वती विवाह और अपना शीश काट कर दे देने वाली हाड़ी रानी की कहानी को बताया गया है.
इसी तरह से सिविल लाइंस में लगातार 26 सालों से मां शारदा सरस्वती विकास समिति की तरफ से आयोजित हो रही होली की झांकी में महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया है. यहां पर कंप्यूटर लेडी शकुंतला देवी से लेकर पहली आईपीएस किरण बेदी, पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला से लेकर झांसी की रानी तक की कहानी बताई गई है. वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भी दर्शाया गया है.

बड़ी संख्या में आते हैं देखने लोग : दोनों जगह पर होली की झांकियों को खोल दिया गया है. बड़ी संख्या में लोग देखने भी आ रहे हैं. इन होली की झांकियों में लाखों रुपए का खर्च होता है, जिन्हें संस्थाएं चंदे के रूप में लोगों से प्राप्त करती है. आदर्श पुलिस संस्था नयापुरा के संयोजक राकेश शर्मा 'राकू' का कहना है कि वह तैयारी करीब एक महीना पहले से शुरू कर देते हैं और इस पूरे एरिया को कवर रखा जाता है, ताकि उनकी थीम बिल्कुल गुप्त रहे. इससे लोगों का इंटरेस्ट बना रहता है. वह अपने टीम मेंबर्स तक ही झांकी की जानकारी रखते हैं. जिस दिन होली की झांकी खोली जाती है, उसी दिन लोगों को इसके संबंध में पता चलता है.

मां शारदा सरस्वती विकास समिति के संयोजक शीतल प्रकाश मीणा 'श्याम' का कहना है कि उनकी 20 सदस्य टीम इस पूरे आयोजन को संभालती है. इसमें भजन संध्या से लेकर कई आयोजन किए जाते रहे हैं. होली के त्योहार में अलग थीम और संदेश देने के लिए वह आयोजन करते हैं. आयोजन की तैयारी 15 दिन पहले कर देते हैं. लोग स्वयं आगे बढ़कर सहयोग करते हैं. सिविल लाइंस एरिया में ऑफिस व रेजीडेंस भी हैं. ऐसे में अधिकारी, कर्मचारी व स्थानीय निवासियों के सहयोग से आयोजन हो रहा है.

पढ़ें. बीकानेर में फागणिया फुटबॉल: पीएम मोदी, प्रेमानंद महाराज और संतों का स्वांग रचकर आए स्थानीय
महिला विश्व कप विजेता टीम की आकर्षक झांकी : शीतल प्रकाश मीणा का कहना है कि उनकी झांकी में साल 2025 में महिला विश्व कप विजेता टीम भी शामिल है. इसके बाद महिलाओं की भी खेलों में रूचि बढ़ी है, इसलिए हमने इस बार झांकी में इसको शामिल किया है. इसमें भारतीय महिला विश्व कप की कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पूरी टीम है. झांकी में फील्डिंग करते समय टकने की चोट से पीड़ित हुई प्रतिका रावल को व्हीलचेयर पर दिखाया गया है. इसके साथ ही एक झांकी अमृता देवी बिश्नोई की है, जिन्होंने 1730 में खेजड़ी बचाने के लिए आंदोलन शुरू किया था और खुद पेड़ के चिपक गई थी. यह आंदोलन लोगों को प्रेरणा देता रहा है.

दूसरी झांकी में मदर टेरेसा, कंप्यूटर लेडी के रूप में विख्यात हुई शकुंतला देवी को झांकी में जगह दी गई है. रानियां के साथ जोहर कर देने वाली चित्तौड़गढ़ की महारानी पद्मावती की कहानी भी इसमें दिखाई गई है. इसके साथ ही देश की पहली आईपीएस किरण बेदी और पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दिखाया गया है. अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला को भी झांकी में जगह दी गई है. सबसे खास देश के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल रही झांसी की रानी को घोड़े पर दिखाया है.

हाड़ी रानी की कहानी : नयापुरा आदर्श होली संस्था के संयोजक राकेश शर्मा का कहना है कि बूंदी की राजकुमारी हाड़ी रानी का विवाह महाराजा रतन सिंह से हुआ था. विवाह के समय बाद उन्हें युद्ध में जाना पड़ रहा था, इसीलिए अपनी पत्नी से निशानी मांगने पर हाड़ी रानी ने सिर को ही धड़ से अलग कर सौंप दिया था ताकि युद्ध में पराक्रम को प्राथमिकता मिले. इसको भी झांकी में दिखाया है. इसमें इंद्रगढ़ की बिजासन माता और चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता को भी अरावली पर स्थित दिखाया गया है. वहीं, खुले मैदान और टाइगर रिजर्व भी इससे जुड़े हुए हैं, जिनका प्रोटेक्शन अरावली कर रही है.

अरावली नॉर्थ इंडिया के लिए सेफ्टी वाल : इसके साथी अरावली पर्वतमाला को दिखाया गया है. हाड़ौती के लिए यह काफी खास है. इंसान प्रकृति से क्रूरता दिखा रहा है. अरावली नॉर्थ इंडिया के लिए सेफ्टी वाल है. इसे बचाना काफी जरूरी है. अरावली जलवायु को बैलेंस भी रखती है. अगर अरावली खत्म हो जाएगी तो राजस्थान में तबाही का मंजर होगा. इसको हमने दिखाया है. किस तरह से अवैध खनन हो रहा है, जिस पर लगाम लगाई जाए. जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस पर ध्यान दें, इसीलिए यह झांकी बनाई गई है.

पढ़ें. होली 2026: बाजारों में छाए स्पेशल हैंपर, मॉडर्न गिफ्ट बॉक्स से लेकर पारंपरिक पूजन किट तक शामिल


